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नववर्ष 2026 में होंगे दो ग्रहण, जानिए कौन सा ग्रहण कब होगा!

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पं. हेमन्त रिछारिया

, गुरुवार, 18 दिसंबर 2025 (14:02 IST)
हिन्दू परंपरा में ग्रहण का महत्वपूर्ण स्थान है। जैसा आप सभी को विदित है ग्रहण दो प्रकार के होते हैं- सूर्यग्रहण एवं चंद्र ग्रहण। सूर्यग्रहण एवं चंद्र ग्रहण भी मुख्यत: दो प्रकार के होते हैं- खग्रास और खंडग्रास। 
 
जब ग्रहण पूर्णरूपेण दृश्यमान होता है तो उसे 'खग्रास' एवं जब ग्रहण कुछ मात्रा में दृश्यमान होता है तब उसे 'खंडग्रास' कहा जाता है, किन्तु जब ग्रहण बिल्कुल भी दृश्यमान नहीं होता तो उसे 'मांद्य चंद्र ग्रहण' कहा जाता है। 
 
खग्रास व खंडग्रास ग्रहण का समस्त द्वादश राशियों पर व्यापक प्रभाव माना जाता है किन्तु 'मांद्य' ग्रहण का जनमानस पर कोई व्यापक प्रभाव नहीं होता इसलिए श्रद्धालुओं पर 'मांद्य ग्रहण के यम-नियम आदि प्रभावी नहीं होते। 
 
सूर्यग्रहण-
1. दिनांक 12 अगस्त 2026- नववर्ष 2026 का प्रथम सूर्यग्रहण खग्रास सूर्यग्रहण होगा जो दिनांक 12 अगस्त 2026, दिन बुधवार, विक्रम संवत् 2083 की श्रावण मास की अमावस्या को होगा।

यह खग्रास सूर्यग्रहण भारतवर्ष में दृश्य नहीं होगा। भारत में दृश्य नहीं होने के कारण इस ग्रहण से संबंधित समस्त यम, नियम, सूतक, आदि भारतवर्ष में मान्य नहीं होंगे।
 
चंद्र ग्रहण-
1. दिनांक 28 अगस्त 2026- नववर्ष 2026 का प्रथम चंद्र ग्रहण खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा जो दिनांक 28 अगस्त 2026 दिन रविवार, विक्रम संवत् 2083 के श्रावण मास की पूर्णिमा को होगा।

यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण भारतवर्ष में दृश्य नहीं होगा। भारत में दृश्य नहीं होने से इस ग्रहण से संबंधित समस्त यम, नियम, सूतक, दान, पुण्य, जप, अनुष्ठान संपूर्ण भारतवर्ष में मान्य नहीं होंगे।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र

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