Hanuman Chalisa

रोमांस कविता : छाई हुई तन्हाई

शम्भू नाथ
क्यों आंखों में बसे हो तुम,
छाई हुई तन्हाई।
अभी दूर रहो मुझसे,
करने दो हमें पढ़ाई।
 
बेकार की बातें मन में,
उफनाने लगती हैं।
तुझे देख के मेरी आंखें,
मचलाने लगती हैं।
 
नजदीक न मेरे आओ,
कर लो मुझसे लड़ाई।
अभी दूर रहो मुझसे,
करने दो हमें पढ़ाई।
 
आशाएं बंधी हैं मुझसे,
जो मां ने सजाया है।
बाप ने फुरसत में,
संस्कार सिखाया है।
 
छू लूं शिखा को मैं,
इसी में मेरी भलाई।
अभी दूर रहो मुझसे,
करने दो हमें पढ़ाई।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Health Benefits of Banana: कच्चे और पके केले में कौन कौनसे विटामिन होते हैं?

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

घर की 'एनर्जी' बदल देंगी ये खास धूप, जानें किस धुएं में छिपा है क्या राज

Diabetes Control Tips: बिना दवा के भी कंट्रोल हो सकती है शुगर! आजमाएं ये 10 जादुई और बेहद आसान घरेलू उपाय

सभी देखें

नवीनतम

सावन मास पर हिन्दी में बेहतरीन कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

London Trip: प्रधानमंत्री से पब्लिक तक मेट्रो, सिटी बस में सफर करते हैं

Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

अगला लेख