Hanuman Chalisa

कविता : शब्दों का संसार

शम्भू नाथ
इस अज्ञानी के गागर में,
शब्दों का खजाना है।
शब्दों को लिखते-लिखते,
जीवन को संवारा है।
 
शब्दों की माला पिरोकर,
हार बनाया हूं।
उस हार को खुशबू देने,
बहार में आया हूं।
 
शब्दों को लिख-लिखकर,
जो नाम कमाया हूं।
शब्दों ने हमें रहना,
सोना सिखाया है।
 
शब्दों की कलियों ने,
चमन महकाया है।
शब्दों को लिख-लिखकर के,
जो महल बनाया हूं।
 
शब्द हैं प्रीतम के,
दिल की टूटी कहानी।
शब्द हैं भीष्म के,
प्रतिज्ञा की निशानी।
 
शब्दों को लिख-लिखकर के,
संतोष जो पाया हूं।
शब्द ही हैं सपने,
शब्द ही हैं अपने।
 
शब्द हंसाया-रुलाया,
शब्द लगे हम सहने।
शब्द को कविताओं के,
है प्रिय से प्यारे गहने।
 
शब्दों को लिख-लिखकर के,
प्रलय बनाया है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

गर्मी में बेहतरीन स्वादिष्‍ट आम रस कैसे बनाएं, पढ़ें स्टेप बाय स्टेप विधि और खास कुकिंग टिप्स

B. R. Ambedkar Essay: बाबासाहेब अंबेडकर पर हिन्दी में आदर्श निबंध

मधुमेह रोगियों को नारियल पानी कब पीना चाहिए?

तपती गर्मी से राहत देगा आम का पन्ना, नोट करें विधि

घर पर बनाएं कीवी आइसक्रीम, जानिए इस सुपरफ्रूट के 6 हेल्दी फायदे

सभी देखें

नवीनतम

Jallianwala Bagh Day: जलियांवाला बाग दिवस पर जानिए इस घटना की 5 खास बातें

अमेरिकी-ईरानी वार्ता इस्लामाबाद में ही क्यों?

सुबह खाली पेट पानी पीने से शरीर में होते हैं ये 5 बड़े बदलाव

Ambedkar quotes: बाबासाहेब अंबेडकर के 10 अमूल्य विचार, जो आज भी दुनिया बदल सकते हैं

Jyotiba Phule: ज्योतिबा फुले कौन थे, सामाजिक सुधार में उनका क्या योगदान था?

अगला लेख