हमें बताओ कैसे भागे, आप रात की जेल से। सूरज चाचा ये तो बोलो, आए हो किस रेल से। हमें पता है रात आपकी, बीती आपाधापी में। दबे पड़े थे कहीं बीच में, अंधियारे की कॉपी में। अश्व आपके कैसे छूटे? तम की कसी नकेल से। पूरब की...