मैं हूं नन्हीं परी, बगल में, पंख छुपे हैं मेरे। आसमान से उड़कर आई, बिलकुल सुबह सवेरे। मंजन ब्रश मैं भूल आई हूं, दांत घिसूं मैं कैसे। कैसे यह सामान खरीदूं, नहीं जेब में पैसे। नहीं अभी तक मुंह धो पाई, इससे आलस घेरे। कच्चे दांत दूधवाले हैं, कैसे मैं...