Hanuman Chalisa

कविता : दि‍वाली है खुशी मनाएं

डॉ. प्रमोद सोनवानी 'पुष्प'
दीप जले 
हर गली-गली
गुपचुप क्यों बैठे हो भाई 
नाचो-गाओ खुशियां बांटों 
दीवाली है घर आई ।
 
दूर गगन में 
झिलमिल-झिलमिल
देखो तारे आए बनठन 
चंदा मामा के बिन देखो 
सूना सा है उनका मन ।
 
प्यारे बच्चे
मन के सच्चे
नाचें-गाएं धूम मचाएं 
डफली-ढोलक-ढोल बजाकर 
दीवाली है खुशी मनाएं ।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

नवीनतम

Essay on Friendship Day: फ्रेंडशिप डे: दोस्ती के अटूट बंधन का खूबसूरत पर्व, पढ़ें हिन्दी में रोचक निबंध

ये हमारी कहानी नहीं हैं, हमारी कहानी कुछ और है, जिसे हमें खोजना है

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता (फिर इंदौर) हमारा

Banyan Tree Benefits: शीघ्रपतन और वीर्य के पतलेपन से हैं परेशान? आयुर्वेद में छिपा है बरगद के फल और दूध का यह पारंपरिक नुस्खा

अगला लेख