Festival Posters

17 अक्टूबर को है धनतेरस, जानिए कैसे मनाएं पर्व

पं. हेमन्त रिछारिया
धनतेरस से दीपावली पर्व का प्रारंभ हो जाता है। ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन के उपरांत धनतेरस के दिन ही भगवान धन्वन्तरि अपने हाथों में अमृत-कलश लिए प्रकट हुए थे। धन्वन्तरि भगवान विष्णु के अंशांश अवतार माने जाते हैं। भगवान धन्वन्तरि आयुर्वेद के जनक कहे जाते हैं। 
 
धनतेरस के दिन प्रात:काल क्या करें-
 
धनतेरस के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने के उपरान्त भगवान धन्वन्तरि की पंचोपचार पद्धति से पूजा करें। सर्वप्रथम एक चौकी पर भगवान धन्वन्तरि का चित्र जिसमें वे अमृत-कलश लिए हों, स्थापित करें तत्पश्चात् उस चित्र की धूप, दीप, पुष्प, नैवेद्य, आरती से पूजा करें। इस प्रकार धनतेरस के दिन भगवान धन्वन्तरि की पूजा करने से आरोग्य एवं लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
 
मध्यान्ह काल-
 
भगवान धन्वन्तरि की पूजा के उपरान्त अपरान्ह (दोपहर) में नवीन वस्तुओं का क्रय करें। नवीन वस्तुओं को क्रय करते समय ध्यान रखें कि खरीदी में चांदी की कोई वस्तु अवश्य हो। धनतेरस के दिन चांदी खरीदने से वर्ष भर सुख-समृद्धि बनी रहती है।
 
सायंकाल (प्रदोषकाल)-
 
धनतेरस के दिन सायंकाल यमराज के निमित्त दीपदान करें, इसे 'यम-दीपदान' कहा जाता है। घर के मुख्य द्वार के बाहर गोबर का लेपन करें तत्पश्चात् मिट्टी के दो दीयों में तेल डालकर प्रज्जवलित करें। दीये प्रज्जवलित करते समय दीपज्योति नमोस्तुते मन्त्र का जाप करते रहे एवं अपना मुख दक्षिण दिशा की ओर रखें। धनत्रयोदशी के दिन यम-दीपदान करने से घर-परिवार में किसी सदस्य की अकाल-मृत्यु नहीं होती है। 
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य का मकर राशि में गोचर, 12 राशियों का राशिफल, किसे होगा लाभ और किसे नुकसान

2026 में इन 4 राशियों का होगा पूरी तरह कायाकल्प, क्या आप तैयार हैं?

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

Basant Panchami 2026: वर्ष 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार कब मनाए जाएगा

क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

सभी देखें

धर्म संसार

बुध ग्रह का शनि की राशि मकर में गोचर, 6 राशियों को मिलेगा अपार लाभ

बुध ग्रह का शनि की राशि मकर में गोचर, 12 राशियों का राशिफल

शनि और शुक्र का लाभ दृष्टि राजयोग, 4 राशियों को होगी धन की प्राप्ति

तिल द्वादशी व्रत कब और क्यों किया जाता है, जानें महत्व और पूजा विधि और मुहूर्त

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (15 जनवरी, 2026)

अगला लेख