Publish Date: Sun, 06 Jan 2019 (19:37 IST)
Updated Date: Sun, 06 Jan 2019 (19:41 IST)
लंदन। सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा समय बिताने वाली किशोरियों के उनके हमउम्र लड़कों की तुलना में असवादग्रस्त होने का खतरा दुगुना होता है। एक नए अध्ययन में ऐसा दावा किया गया है। अपनी तरह के पहले इस अध्ययन में सोशल मीडिया एवं अवसाद के लक्षणों के बीच संबंध देखा गया।
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के शोधकर्ताओं ने करीब 11,000 युवाओं से प्राप्त डेटा का विश्लेषण किया और पाया कि 14 साल की लड़कियां सोशल मीडिया का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करती हैं। उनमें हर 5 में से 2 किशोरियां सोशल मीडिया का हर 5 में से 1 किशोर के मुकाबले प्रतिदिन 3 घंटे ज्यादा इस्तेमाल करती हैं, वहीं 10 प्रतिशत लड़कों के मुकाबले केवल 4 प्रतिशत लड़कियां ऐसी पाई गईं, जो सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करतीं।
अध्ययन के परिणामों में पाया गया कि सोशल मीडिया का मामूली इस्तेमाल करने वाली 12 प्रतिशत और अधिक इस्तेमाल (प्रतिदिन 5 या उससे ज्यादा घंटे) करने वाली 38 प्रतिशत लड़कियों में गंभीर स्तर के अवसाद के लक्षण देखे गए।
यूसीएल के एक प्रोफेसर वोन्ने केली ने बताया कि लड़कों की तुलना में लड़कियों में सोशल मीडिया के प्रयोग और अवसाद के लक्षणों के बीच संबंध ज्यादा मजबूत देखा गया। यह अध्ययन 'ई-क्लिनिकल मेडिसिन' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।