Hanuman Chalisa

हिन्दी कविता : मोदी... मोदी...

डॉ. रामकृष्ण सिंगी
पा न सका अब तक कोई ऊंचाई मोदी की। 
छू न सका अब तक कोई परछाईं मोदी की।।1।। 
 
उसकी कार्यशीलता की, उसके तप की, उस निष्ठा की। 
निज उदाहरण से स्थापित श्रम की प्रतिष्ठा की। 
कुछ कर जाने की अंत: प्रेरित उस लगन की। 
अंधेरों से जूझने की उस स्वयं प्रकाश अगन की। 
 
साठी में भी बीसी सी तरुणाई मोदी की ।।2।। 
 
ग्रामवासियों के कष्टों पर संवेदना बेशुमार की। 
शहीद परिवारों के प्रति अंत: वेदना अपार की। 
हर पीड़ित बालिका के प्रति गहन दुलार की। 
निज मां से बढ़कर भारत मां के प्यार की। 
 
पा सका न अब तक कोई वह मन की गहराई मोदी की।।3।। 
 
चौकीदारों के भी आदर्श बने उस कर्मठ चौकीदार की। 
देश के अंदर / बाहर दुश्मनों पर उसके निडर प्रहार की।। 
मन की हर बात देश के सम्मुख रख देने की निष्कपट तत्परता की ,
देश के सेवा-यज्ञ में आहुति की जिसने निज जीवन की, परिवार की। 
 
क्या हक़ है कलंकियों को जो परखें सच्चाई मोदी की।।4।।    

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

Nautapa 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026: नौतपा के 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें?

Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां

गर्मी में शरीर को रखें ठंडा, रोज करें ये 3 असरदार प्राणायाम; तुरंत मिलेगा सुकून

शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग 'थाइमस', जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, यह क्यों खास है हमारी सेहत के लिए

सभी देखें

नवीनतम

Ahilyabai Holkar Jayanti: रानी अहिल्याबाई की 301वीं जयंती, जानें इतिहास, प्रेरणादायी विचार और शुभकामनाएं

सनातन परंपरा का यह एक नियम, जिसे अब मान रही है मॉडर्न साइंस; रोज सुबह करने से बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

पैरों की पिंडलियों को सुडौल और पतला करने हेतु आजमाएं ये 6 असरदार उपाय

World Environment Day Essay: विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष निबंध

पर्यावरण दिवस पर सबसे अच्छी कविता: धरती की पुकार

अगला लेख