ramcharitmanas

हिन्दी कविता : मेरी-तुम्हारी-हमारी

Webdunia
- ऋचा दीपक कर्पे
 
मेरी कुछ कविताएं
सिर्फ़ मेरे लिए होती हैं
और हां! 
सिर्फ़ तुम्हारे लिए भी।
 
तुम्हारे साथ खिलने वाली
मेरी हर उस सुबह की तरह
और हर उस रात की भी तरह
जो तुम्हारे साथ ढ़लती है..
 
मैं लिख देती हूं कुछ ऐसा
जिसे पढ़ते सब हैं
लेकिन समझते हो सिर्फ़ तुम
 
ऐसी कविताएं,
जो सबके दिमाग पहुंचती हैं
लेकिन दिल तक पहुंचती है
सिर्फ तुम्हारे
 
मैं क्या लिखती हूं
ये पता होता है सबको 
लेकिन क्यूं लिखती हूं
ये जानते हो सिर्फ़ तुम 
 
सब पढते हैं, सबके मुंह से
वाह! निकलता है
तुम पढ़ते हो और
तुम्हारे दिल से आह! निकलता है 
 
मेरे लफ़्ज आवाज बनकर
सबके कानों तक पहुंचते हैं
लेकिन उन लफ़्ज़ों में
छिपे अहसास पहुंचते हैं
सिर्फ़ तुम तक.....
 
क्योंकि,
मेरी कुछ कविताएं
सिर्फ़ मेरे लिए होती हैं।
और हां!
सिर्फ़ तुम्हारे लिए भी।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

नवीनतम

नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम का निधन, 1991 में बने थे राजा

सीआईए और रूसी एजेंसी के दो देशों में तख्तापलट के ‘सीक्रेट मिशन’ से खलबली..!

संस्कृत दिवस 2026: दुनिया की प्राचीन भाषा के 5 रहस्य

Rajni Raman Sharma: सृजन का एक सुनहरा सितारा अस्त हुआ

एल्गोरिथम से अपना पर्सपेक्टिव मत बनाओ: तुम्हारे लिए जो 6 है वह मेरे लिए 9 है...

अगला लेख