-सतपाल ख़याल रंग न छूटे प्रेम का, लगे जो पहली बार, धोने से दूना बढ़े, बढ़ती रहे खुमार। पल-पल बदले रूप को, मन के रंग हज़ार, इक पल डूबा शोक में, इक पल उमड़ा प्यार। राधा नाची झूम के, भीगे नंदगोपाल, प्रेम की इस बौछार में, उड़ता...