Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 (12:32 IST)
Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 (12:33 IST)
दशहरा (विजयादशमी) का पर्व असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। इस दिन देश भर में बड़े-बड़े मैदानों में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन देखने के लिए भारी जनसैलाब उमड़ता है। रावण दहन के भव्य और मनमोहक दृश्य को देखने के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। यदि आप भी अपने परिवार या दोस्तों के साथ रावण दहन देखने जा रहे हैं, तो सुरक्षा और सहूलियत के लिहाज से इन 5 बातों का विशेष ध्यान रखें:
1. सुरक्षित दूरी बनाए रखें
पुतलों में भारी मात्रा में पटाखे और विस्फोटक भरे होते हैं। दहन के समय चिंगारी, जलते हुए कागज़ या लकड़ी के टुकड़े दूर तक उड़कर आ सकते हैं। इसलिए आयोजकों द्वारा तय की गई सुरक्षा रेखा (बैरिकेटिंग) के पीछे ही रहें और पुतले से हमेशा उचित दूरी बनाए रखें। रावण के पुतले से हमेशा कम से कम 50 से 100 फीट की दूरी पर खड़े हों। पुतला गिरने या पटाखे छिटकने पर चोट लग सकती है।
2. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
भीड़भाड़ वाले मैदानों में बच्चों का हाथ कभी न छोड़ें। उनके जेब या गले में एक कार्ड रखें जिस पर उनका नाम, आपका नाम और मोबाइल नंबर लिखा हो। बुजुर्गों को भगदड़ और अत्यधिक धुएँ से बचाकर रखें। बच्चों को अकेले पुतले या जलते हुए पटाखों के पास न जाने दें। उन्हें भीड़ में हमेशा अपने साथ रखें। पटाखों की तेज आवाज से बचने के लिए छोटे बच्चों के कानों में रुई (cotton) डाल सकते हैं।
3. आपातकालीन रास्तों (Exit Routes) की जानकारी रखें
मैदान में प्रवेश करते ही यह देख लें कि आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के रास्ते कहाँ हैं। मुख्य द्वार पर अक्सर सबसे ज़्यादा भीड़ होती है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाह या भगदड़ की स्थिति में घबराने के बजाय सबसे नज़दीकी और खुले निकास द्वार की ओर बढ़ें। कार्यक्रम स्थल के एंट्री और एग्जिट गेट की जानकारी पहले से रखें। भीड़ में धक्का-मुक्की न करें और बच्चों का हाथ पकड़कर रखें।
4. मास्क और पानी साथ रखें
रावण दहन के दौरान अत्यधिक मात्रा में बारूद का धुआँ निकलता है, जो सांस, आंखों और गले में जलन पैदा कर सकता है। अगर आपको या परिवार में किसी को अस्थामा/एलर्जी की समस्या है तो मास्क जरूर पहनें। साथ ही, पीने के पानी की बोतल साथ रखें ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। रावण दहन के बाद भारी मात्रा में धुआं और प्रदूषण होता है। अस्थमा, सांस के मरीजों और बुजुर्गों को मास्क पहनना चाहिए या दूर से ही इसे देखना चाहिए।
5.अफ़वाहों पर ध्यान न दें और पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें
भीड़ वाली जगहों पर अफ़वाहें बहुत जल्दी फैलती हैं। किसी भी असत्यापित खबर या शोर-शराबे पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें। किसी भी सहायता के लिए मैदान में तैनात सुरक्षाकर्मियों, पुलिस या वॉलंटियर्स संपर्क करें और उनके निर्देशों का पालन करें।
अन्य सावधानियां:
रेलवे ट्रैक से दूर रहें: कभी भी रेलवे ट्रैक के पास खड़े होकर रावण दहन न देखें। (अतीत में अमृतसर जैसी बड़ी दुर्घटनाएं इसी लापरवाही के कारण हुई हैं)।
हवा की दिशा का ध्यान: पुतले को हवा की दिशा देखकर ही आग लगानी चाहिए, ताकि उसकी राख या पटाखे भीड़ की तरफ न उड़ें।
सिंथेटिक कपड़ों से बचें: रावण दहन देखने जाते समय सूती (cotton) कपड़े पहनें। सिंथेटिक या ढीले-ढाले कपड़ों में आग जल्दी पकड़ती है।
फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस: आयोजन स्थल पर फायर टेंडर (दमकल की गाड़ी), पानी के टैंकर, रेत और प्राथमिक चिकित्साकी व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
प्रशासन की अनुमति: स्थानीय पुलिस, नगर निगम और फायर डिपार्टमेंट से लिखित अनुमति जरूर लें।
बैरीकेडिंग: पुतले के चारों तरफ मजबूत बैरीकेडिंग होनी चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति या बच्चा पुतले के करीब न जा सके।
तारों से दूरी: पुतले को हाई-वोल्टेज बिजली के तारों या ट्रांसफार्मर के नीचे या उनके बहुत पास खड़ा न करें।
सुरक्षा के नियमों का पालन करें और सपरिवार आनंदपूर्वक विजयादशमी का त्यौहार मनाएं!