Daily Horoscope

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

Dussehra ki parampara: दशहरे पर जरूर करें ये 10 कार्य, चमकेगा भाग्य और बढ़ेगा प्रेम

Advertiesment
dussehra ki parampara
Vijayadashami 2026: 20 अक्टूबर को दशहरा का महापर्व मनाया जाएगा। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है, इसलिए उसे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। विजयादशमी का पर्व केवल परंपरा निभाने का नाम नहीं है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और रिश्तों को नया उजाला देने का एक विशेष अवसर है। इस दिन कई तरह के कार्य किए जाते हैं।

आत्म-शोधन और मानसिक संकल्प

1. अंतर की बुराई का त्याग: रावण दहन केवल बाहर का प्रतीक है। इस दिन अपने भीतर छुपी किसी एक बुराई, जैसे क्रोध, अहंकार या आलस्य को हमेशा के लिए त्यागने का सच्चा संकल्प लें।
2. सकारात्मक ऊर्जा के लिए धार्मिक पाठ: अपने मन को शांति देने के लिए इस दिन घर में दुर्गा सप्तशती का पाठ, चंडी पाठ या हवन जैसे धार्मिक अनुष्ठान करें।
 

गृहार्चना और आस्था

3. घर की शुद्धि और पूजन: प्रभात काल में घर को पूरी तरह स्वच्छ करें। इसके बाद श्री राम दरबार और माता दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करें। इस दिन कार्य में आने वाले शस्त्रों, वाहनों और औजारों की पूजा भी की जाती है।
4. शुभ वृक्षों और दीपों का प्रकाश: शाम के समय अपने घर के मंदिर के साथ-साथ पीपल, शमी और बरगद के वृक्षों के नीचे दीपक जलाएं। घर को दीपों से रोशन करना सुख-समृद्धि लाता है।

सामाजिक जुड़ाव और आत्मीयता

5. पुराने गिले-शिकवे मिटाना: यह दिन दिलों के फासले कम करने का है। पुरानी कड़वाहटों को भुलाकर अपनों को गले लगाएं और रिश्तों में मिठास वापस लाएं।
6. दशहरा मिलन और आशीर्वाद: शाम को रावण दहन के बाद अपनों के घर जाएं, प्रेम बांटे और बड़ों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

पारंपरिक रीतियाँ और उपहार

7. शमी पत्र का आदान-प्रदान: रावण दहन से लौटते समय शमी के पत्ते लेकर एक-दूसरे को भेंट करें और विजयादशमी की बधाई दें। शमी के पत्तों को स्वर्ण तुल्य माना जाता है।
8. बच्चों को 'दशहरी' की खुशी: बच्चों को उपहार, नए कपड़े, मिठाई या स्नेह स्वरूप उपहार देने की परंपरा निभाएं, जिसे 'दशहरी' कहा जाता है।
webdunia

उत्सव और वेशभूषा

9. नव-वस्त्र और तिलक धारण: विजयादशमी पर नए वस्त्र और आभूषण पहनें। रावण दहन देखने जाते समय माथे पर तिलक लगाकर निकलना अति शुभ माना जाता है।
10. पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद: इस खास अवसर पर रसोई में गिल्की के पकौड़े, गुलगुले (मीठे पकौड़े), दही बड़े, हलवा-पूरी, खीर और लड्डू जैसे व्यंजन बनाकर उत्सव का आनंद लें।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Dussehra 2026: दशहरे पर क्यों बांटी जाती है 'सोना पत्ती'? जानें शमी पत्र का पौराणिक और वैज्ञानिक रहस्य