ramcharitmanas
✕

14 अक्टूबर: भारत की पहली महिला शासक रज़िया सुल्तान की पुण्यतिथि

रजिया सुल्तान कौन थी?

WD Feature Desk
सोमवार, 14 अक्टूबर 2024 (10:28 IST)
razia sultan : आज, 14 अक्टूबर को प्रथम मुस्लिम शासिका रजिया सुल्‍तान की पुण्यतिथि है। आइए यहां जानते हैं कैसा था उनका शासन और आखिर कौन थी रजिया सुल्‍तान, उनके बारे में रोचक जानकारी।
 
रजिया सुल्तान का परिवार और बचपन : जब एक वक्त था तब मोहम्मद गौरी ने हिंदुस्तान को फतह कर लिया था। फतह के बाद मोहम्मद गौरी ने हिंदुस्तान की कमान अपने गुलाम यानी दामाद कुतुबुद्दीन को दे दी। इस तरह कुतुबुद्दीन हिंदुस्तान का पहला मुसलमान सुल्‍तान बना। कुतुबुद्दीन की मौत के बाद यह बागडोर उनके दामाद सुल्तान अल्तमश को मिली और सुल्‍तान अल्तमश की बेटी रजिया थी। वह बहुत बहादुर और साहसी थी।
 
जानकारी के अनुसार रजिया के ग्यारह भाई थे, लेकिन सुल्तान अल्तमश अपनी बेटी से पहले सलाह लेते थे। रजिया सुल्‍तान अपने भाइयों से बहुत आगे थी। बचपन में ही घुड़सवारी, तलवारबाजी सीख ली थी। बचपन से ही रजिया सुल्‍तान को शासन-प्रशासन में काफी रूचि थी इस कारण सुल्तान अल्तमश जब कभी जाते थे तो वह अपनी बागडोर रजिया के हाथ में सौंपकर जाते थे। सुल्‍तान अल्‍तमेश को अपनी बेटी पर बहुत भरोसा था, अत: उन्‍होंने पहले ही यह घोषित कर दिया था कि मेरे मरने के बाद इस सल्तनत का अगला सुल्तान रजिया सुल्‍तान होगी। इसी कारण रजिया सुल्‍तान ने प्रथम महिला सुल्‍तान के रूप में दिल्ली पर शासन किया था।  
 
पहली मुस्लिम शासक थीं रजिया सुल्तान : पौराणिक जानकारी के अनुसार रजिया सुल्‍तान वह पहली शख्सियत थी, जो सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हुकूमत की गद्दी पर बैठने वाली महिला थी। आपको बता दें कि इससे पहले संपूर्ण दुनिया में महिला मुसलमान में किसी ने भी हुकुमत की गद्दी को न ही संभाला था और ना ही शासन किया था। रजिया पूरे मुस्लिम इतिहास में कहीं पर भी हुकूमत करने वाली पहली मुस्लिम थी। सुल्‍तान अल्‍तमेश ने चांदी के टंके पर उसका नाम अंकित करा दिया था। रजिया सुल्‍तान ने पर्दा प्रथा का विरोध किया और पुरुषों के समान वेशभूषा धारण करने लगी। तथा वह काबा कोट पहन कर दरबार में बैठती थी, अत: इस तरह भारत की प्रथम मुस्लिम शासिका बनी थीं रजिया सुल्‍तान।
 
रजिया सुल्‍तान की मृत्यु कैसे हुई थी : रजिया सुल्‍तान ने अपने समय में कई स्कूल और शिक्षा केंद्र खुलवाए और कई जगहों पर लाइब्रेरियां भी बनवाईं, जहां प्राचीन किताबों का संग्रह रखा जाता था। रजिया सुल्‍तान ने कई रूढ़िवादी परंपराओं को भी दरकिनार करना शुरू कर दिया। रजिया ने पर्दा प्रथा का विरोध किया पुरुषों की तरह अपना रहन-सहन और ढंग अपना कर रूढ़िवादी मुस्लिमों को चौका दिया। इसके बाद नए सिक्के बनवाए, जिस पर लिखा था- महिलाओं का स्तंभ, समय की रानी, सुल्तान शम्सुद्दीन अल्तमश की बेटी। कहा जाता है कि रजिया सुल्‍तान को अपने सलाहकार जमात-उद-दिन-याकूत से प्यार हो गया था और दोनों के बीच रिश्ते भी थे, लेकिन यह भी कहा जाता है कि वे सिर्फ अच्‍छे दोस्‍त थे।

उन्होंने कई काबिले तारीफ निर्णय भी लिए थे, लेकिन दुश्‍मनों को इस तरह एक लड़की का गद्दी पर बैठना तथा पुरुषों पर शासन करना सहा नहीं गया अत: रजिया का शासनकाल बहुत लंबे समय तक नहीं चल सका। फिर भी रजिया के हाथ से दिल्‍ली की बागडोर छूट जाने के बाद उन्होंने फिर से उसे पाने की कोशिश की, लेकिन ऐसा हो न सका और उन्‍हें दिल्ली छोड़कर भागना पड़ा, इस दौरान लोगों ने लूट लिया था और रजिया सुल्तान की दिल्‍ली में ही 14 अक्टूबर 1240 को हत्या की गई थीं।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

नवीनतम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा है भारत

चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा

रूस दे रहा है नाटो को परमाणु हथियारों की धमकी, NATO कमांड केन्द्रों पर हो सकते हैं हमले

शारदीय नवरात्रि व्रत 2026: रोज-रोज साबूदाने की खिचड़ी खाने के 6 नुकसान

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

अगला लेख