Publish Date: Thu, 18 Nov 2021 (12:31 IST)
Updated Date: Thu, 18 Nov 2021 (12:41 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सभी लोकतांत्रिक देशों से, साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि क्रिप्टो-करेंसी गलत हाथों में ना जाए, अन्यथा युवाओं का भविष्य बर्बाद हो सकता है।
प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से आयोजित 'सिडनी संवाद' को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग ने राजनीति, अर्थव्यवस्था और समाज को पुनर्भाषित किया है और यह सार्वभौमिकता, शासन, नीति, कानूनों, अधिकारों और सुरक्षा को लेकर नए सवाल भी खड़े कर रहा है।
उन्होंने क्रिप्टो-करेंसी या बिटकॉइन का उदाहरण देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि सभी लोकतांत्रिक देश साथ काम करें और यह सुनिश्चित करें कि यह गलत हाथों में ना जाए, जो हमारे युवाओं को बर्बाद कर सकता है।
उन्होंने कहा कि आज भारत की 130 करोड़ आबादी की डिजिटल पहचान है, आज छह लाख गांवों को ब्रॉडबैंड संपर्क से जोड़ा जा रहा है, भुगतान के लिए दुनिया की सबसे प्रभावी तकनीक यूपीआई देश के पास है, 80 करोड़ भारतीय इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और 75 करोड़ लोग स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं।
मोदी ने कहा कि कोई देश प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कैसे करता है, यह उसके मूल्यों और दृष्टि पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पुरानी हैं, इसकी आधुनिक संस्थाएं मजबूत हैं। हमने हमेशा से पूरे विश्व को एक परिवार माना है।
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से जनहित के लिए नीति, समावेशी विकास और सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में भारत के व्यापक अनुभव का लाभ विकासशील विश्व को मिल सकता है।