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सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अयोध्या में बैठकों का दौर

संदीप श्रीवास्तव
शनिवार, 2 नवंबर 2019 (17:52 IST)
अयोध्या का अतिसंवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर आने फैसला सभी को आशंकित किए हुए है। स्थानीय प्रशासन भी कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। अयोध्या की कानून व्यवस्था बिगड़ने न पाए इसके लिए पुलिस और जिला प्रशासन दोनों समुदायों के साथ बैठक कर रहा है। राजनीतिक दलों ने भी इस दिशा में पहल शुरू कर दी है। 
 
जिला प्रशासन ने आपसी सौहार्द को लेकर चौपाल और बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों के साथ पुलिस विभाग मोहल्लों और थानों में पीस कमेटी की बैठक कर रहा है, जिसमें दोनों समुदाय के लोग शामिल हो रहे हैं।

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इसी के तहत अयोध्या जनपद के थाना कैंट में पीस कमेटी की बैठक की गई, जिसमें हिंदू मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस बैठक में एसपी सिटी विजयपाल सिंह, सीओ सिटी अरविंद चौरसिया ने दोनों समुदायों से आगामी फैसले और त्योहारों को लेकर सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
 
वहीं, पीस कमेटी की बैठक में शामिल दोनों समुदाय के लोगों ने आपसी भाईचारा कायम रहे, अयोध्या जिले में सौहार्द की मिसाल पेश की जाए, इसका प्रशासन को आश्वासन दिया है। दोनों समुदायों का कहना है कि फैसला जो भी आए आपसी सौहार्द को खराब नहीं होने देंगे। हर हाल में भाईचारा कायम रखेंगे। यही नहीं दोनों समुदाय के लोगों ने यह भी आश्वस्त किया है कि जो लोग आपसी भाईचारे को खराब करने की कोशिश करेंगे, अफवाहों के बाजार को गर्म करेंगे उनको वह खुद आईडेंटिफाई करेंगे और पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार करवाएंगे। 

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बताते चलें कि अयोध्या मसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट 17 नवंबर से पहले अपना फैसला सुना सकता है। ऐसे में अयोध्या की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा बल अयोध्या भेजे गए हैं। 
 
सपा ने भी मोर्चा संभाला : अयोध्या पर संभावित फैसले को देखते हुए समाजवादी पार्टी ने भी सांप्रदायिक सौहार्द की सराहनीय पहल की मिसाल पेश की है। सपा कार्यालय पर हिंदू-मुस्लिम समुदायों के लोगों की पूर्व राज्यमंत्री पवन पांडे ने बैठक बुलाई। इस बैठक में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी भी शामिल हुए।
 
बैठक के दौरान पूर्व राज्यमंत्री पवन पांडे ने कहा कि अयोध्या फैजाबाद हमारी धरती है। हमारे पूर्वजों ने इस धरती पर जन्म लिया है। इस धरती को बचाना हम सभी कि जिम्मेदारी है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला जो भी हो, हम सभी लोग कोर्ट का सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा अयोध्या फैजाबाद हिंदू-मुस्लिम एकता कि धरती प्रतीक है। यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की धरती है तो शहीद अशफाक उल्ला खान की भी धरती है।
 
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर समाजवादी पार्टी कि सराहनीय पहल अच्छी है। कोर्ट का फैसला जो भी हो सभी लोग उसका सम्मान करेंगे करें। उन्होंने कहा कि जनता ऐसा कोई काम ना करे जिससे अयोध्या से खराब संदेश जाए।

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