Hanuman Chalisa

अटल जी को श्रद्धांजलि : सूर्य कभी अस्त नहीं होता...

संजय वर्मा 'दृष्ट‍ि'
सूर्य उदय से सूर्यास्त तक 
सुनहरी गुलाबी 
बदलती किरणों को 
निहारकर 
शब्दों में
किताबों में
रचते रहे सदा।
 
शब्दों का गुम हो जाना 
नामुमकिन-सा होता 
किताबें अमर होती
जैसे अमर हुए अटलजी।
 
अटलजी ने 
अनुभवों की झोली से
साहित्य जगत को बांटा
काव्य का प्रसाद।
 
काव्य के
अनमोल शब्द 
आज भी कानों में
गूंजा करते
करतल ध्वनियों
और वाह-वाह के
शब्दों के साथ।
 
अटलजी
हमारे बीच सदा रहेंगे
जब-जब दोहराई जाएंगी
उनकी कविताएं।
 
फिर गूंज उठेंगे साहित्य के पांडाल
साहित्य के आंगन में
कहते हैं सूर्य कभी अस्त
होता नहीं
जैसे अटलजी!

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

बागियों पर बरसे उद्धव ठाकरे, बोले- मेरी शिवसेना ही असली, CM फडणवीस ने कसा तंज

शिक्षा मंत्री के इस्‍तीफे पर अड़ी कॉकरोच जनता पार्टी, जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी, दीपके ने लोगों से की यह अपील

नीतीश बने JDU के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष, महाबैठक में लगी मुहर, बेटे निशांत पर क्‍या हुआ फैसला?

Gujarat New EV Policy: ग्राहकों को मिलेगी डबल सब्सिडी, RTO टैक्स होगा जीरो

मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर, ईरान ने फिर बंद किया हॉर्मुज, आखिर क्यों लिया ये फैसला?

सभी देखें

नवीनतम

पानी की एक भी बूंद व्यर्थ न जाए, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं : योगी आदित्यनाथ

ब्रेक्जिट के 10 साल: ब्रिटेन को भारी पड़ा अलग होने का फैसला

80 मिनट की अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद फिर बढ़ा तनाव, ट्रंप की धमकी पर ईरान का कड़ा जवाब; संयुक्त फोटो सेशन भी रद्द

Top News 22 June: ट्रंप की धमकी से फिर भड़का ईरान, अयोध्या राम मंदिर मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई

योग दिवस : परिषदीय विद्यालयों में गूंजा 'स्वस्थ जीवन' का मंत्र, 1.42 करोड़ बच्चों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

अगला लेख