Hanuman Chalisa

अपनी सोच से समाज में सकारात्‍मकता का निर्माण कर सकती है स्‍त्री

नवीन रांगियाल
घर से लेकर ऑफिस तक। राजनीति से लेकर समाज तक। यह वह दौर है जब महिलाएं हर क्षेत्र में अपना वर्चस्‍व कायम कर रही हैं। कई मामलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। ठीक इसी तरह सांप्रदायिकता और अराजकता के इस माहौल में भी महिलाएं अपनी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं, दरअसल, महिलाएं अपने बच्‍चों, पति और घर के अन्‍य पुरुषों को अपनी सकारात्‍मक सोच और विचार से प्रभावित कर सकती हैं।

इसमें कोई संशय नहीं कि किसी भी पुरुष और बच्‍चे में सकारात्‍मक सोच की शुरुआत घर से ही होती है। बच्‍चा घर में जैसा माहौल देखेगा या उसके परिजन खासतौर से मां जो उसे सिखाएगी, जिन विषयों पर उससे चर्चा करेगीं, वही आगे चलकर उसके विचारों में शामिल होगा। ठीक इसी तरह पुरुषों की सोच, विचार और मानसिकता को भी घर की महिलाएं बहुत हद तक नियंत्रित या यूं कहें कि प्रभावित कर सकती हैं।

महिलाओं की भूमिका को इस सकारात्‍मक परिपेक्ष्‍य में इसलिए भी देखा जाना चाहिए क्‍योंकि शारीरिक तौर के साथ ही मानसिक तौर पर भी उन्‍हें ‘सॉफ्ट’ माना जाता है। वे कई विषयों को लेकर बेहद संवेदनशील होती हैं।
ऐसे में जब समाज में कोई अराजक स्‍थिति पैदा होती है तो सबसे पहले महिलाओं से उनकी संवेदनशीलता के पैमाने पर ही अपेक्षा की जाती है।

हालांकि शाहीन बाग इस मामले में अपवाद है। यहां महिलाओं की तय छवि से अलग तस्‍वीर नजर आई। यह सही है कि यहां महिलाएं अपनी अभिव्‍यक्‍ति की आजादी के लिए प्रदर्शन में शामिल हुईं हैं, लेकिन अपने मासूम बच्‍चों को इसमें शामिल करना, उन्‍हें ऐसे आंदोलनों का हिस्‍सा बनाना महिलाओं की छवि से अलग छवि को गढता है।
इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी जगह बनाई है, लेकिन सामाजिक जागरुकता के परिपेक्ष्‍य में भी महिलाओं के लिए जरुरी है कि वे अपनी ताकत को फिर से पहचाने, अपने स्‍त्री पक्ष से घर में, समाज में और अपने कार्यक्षेत्र में अपनी सकारात्‍मक सोच का निर्माण करें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

नवीनतम

आखिर कौन है यूपी में नकल संस्कृति का जनक?

बयानों की आग में झुलसता भारत: क्या शब्दों से बढ़ रही है देश की मुश्किलें?

फ्रेंडशिप डे 2026: दोस्तों को दें इन 5 में से कोई एक गिफ्ट

Friendship Day Wishes 2026: फ्रेंडशिप डे पर अपने खास मित्रों को भेजें ये 10 फ्रेंडली शुभकामना मैसेज

अगर गालियों से समाज का पतन होता है तो इसकी शुरुआत आपके बेडरूम से हो चुकी है

अगला लेख