Publish Date: Thu, 16 Jul 2026 (19:04 IST)
Updated Date: Thu, 16 Jul 2026 (19:09 IST)
Meerut Cyber Cell : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक अपराध के कुशल नेतृत्व में जनपदीय साइबर सेल तथा सभी थाना स्तर पर संचालित साइबर हेल्प डेस्क ने वर्ष 2026 में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, पीड़ितों की धनराशि वापस दिलाने, अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है।
मेरठ जिले की साइबर टीम ने विभिन्न साइबर ठगी के मामलों में त्वरित तकनीकी कार्रवाई करते हुए पीड़ितों की फंसी धनराशि होल्ड एवं रिफंड कराई। साथ ही संदिग्ध बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, आईएमईआई, आईपी एड्रेस और सोशल मीडिया अकाउंट्स का विश्लेषण कर साइबर अपराधियों तक पहुंच बनाई। अन्य राज्यों की पुलिस एवं जांच एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर भी कई मामलों में प्रभावी कार्रवाई भी की गई है।
प्रमुख उपलब्धियां
- 365 साइबर पीड़ितों को कुल 1,90,26,490 रुपए की धनराशि वापस दिलाई गई। इसमें एमआरएम पोर्टल के माध्यम से 136 पीड़ितों को 11,44,409 रुपएतथा बैंकों के समन्वय से 229 पीड़ितों को 1,78,82,081 रुपए वापस कराए गए।
- जीआरएम पोर्टल के माध्यम से 29 बैंक खातों को अनफ्रीज कराया गया।
- एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त 3203 साइबर शिकायतों का सफल निस्तारण किया गया।
- महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े मामलों में ओसीडब्ल्यूसी पोर्टल के माध्यम से 3 मुकदमे दर्ज कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई तथा 113 शिकायतों का निस्तारण करते हुए 4.16 लाख रुपए की बरामदगी कराई गई।
- एनसीएमईसी पोर्टल पर प्राप्त नाबालिग बच्चों से संबंधित 122 शिकायतों का निस्तारण किया गया।
- प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर 30 अभियोग दर्ज कर 31 अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इन मामलों में 5.20 लाख नकद, एक मोटरसाइकिल, 24 मोबाइल फोन, 25 सिम कार्ड, एक राउटर, पांच एटीएम कार्ड, 16 पासबुक, एक बिलबुक तथा अन्य सामान बरामद किया गया।
- म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 8 मुकदमे दर्ज कर 9 अभियुक्तों पर कानूनी कार्रवाई की गई।
- सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक एवं भ्रामक पोस्टों को सहयोग पोर्टल के माध्यम से हटवाया गया।
- साइबर अपराध में प्रयुक्त 1382 मोबाइल नंबर और 2179 आईएमईआई ब्लॉक कराए गए।
- अन्य राज्यों की पुलिस एवं जांच एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए 257 नोटिस तामील कराए गए तथा 707 नोटिस प्रेषित किए गए।
- अन्य राज्यों के सहयोग से डायरेक्ट एवं आईएमईआई लिंकेज के आधार पर एक अभियोग दर्ज कर 11 मामलों का निस्तारण किया गया।
- समन्वय पोर्टल पर 42 अभियुक्तों का डेटा अपलोड किया गया।
मेरठ पुलिस का कहना है कि हमारी साइबर टीम भविष्य में भी इसी तरह आमजनों और पीड़ितों को सहायता देने के लिए तत्परता के साथ साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए काम करती रहेगी, वहीं अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
आमजन से अपील
यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हों तो बिना समय गंवाए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही अपने नजदीकी थाना स्थित साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क करें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से धनराशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।