Publish Date: Thu, 01 Apr 2021 (08:20 IST)
Updated Date: Thu, 01 Apr 2021 (08:24 IST)
नई दिल्ली। सरकार ने लोक भविष्य निधि (PPF) और एनएससी (राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र) समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में 1.1 प्रतिशत तक की कटौती का फैसला वापस ले लिया। यह कटौती एक अप्रैल से शुरू 2021-22 की पहली तिमाही के लिए की गई थी। बहरहाल सरकार के अधिसूचना रद्द करने से अब पहले वाली दर पर ही लोगों को ब्याज मिलेगा।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सुबह ट्वीट कर PPF, NSC समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती संबंधी फैसला वापस लेने की घोषणा की।
वित्त मंत्रालय ने बुधवार देर रात अधिसूचना जारी कर पीपीएफ पर ब्याज 0.7 प्रतिशत कम कर 6.4 प्रतिशत जबकि एनएससी पर 0.9 प्रतिशत कम कर 5.9 प्रतिशत करने का फैसला किया था। लघु बचत योजनाओं पर ब्याज तिमाही आधार पर अधिसूचित की जाती है।
अधिसूचना के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही अप्रैल-जून अवधि के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें संशोधित की गई थी।
पंच वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज दर 0.9 प्रतिशत घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दी गई थी। इस योजना के तहत ब्याज तिमाही आधार पर दिया जाता है। पहली बार बचत खाते में जमा रकम पर ब्याज 0.5 प्रतिशत घटाकर 3.5 प्रतिशत कर दी गई थी।
बालिकाओं के लिए बचत योजना सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) खाते पर ब्याज 2021-22 की पहली तिमाही के लिए 0.7 प्रतिशत घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया गया था। किसान विकास पत्र पर सालाना ब्याज दर 0.7 प्रतिशत कम कर 6.2 प्रतिशत कर दी गई थी। अब तक इस पर ब्याज 6.9 प्रतिशत था।
वित्त मंत्रालय ने 2016 में ब्याज दर तिमाही आधार पर तय किए जाने की घोषणा करते हुए कहा था कि लघु बचत योजनाओं पर ब्याज सरकारी बांड के प्रतिफल से जुड़ी होंगी।