राम नवमी के दिन प्रसाद के रूप में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम को नैवेद्य / भोग में पंचामृत, श्रीखंड, खीर और हलवा अवश्य चढ़ाया जाता है, क्योंकि भगवान राम के पूजन में दूध और घी का अहम स्थान होता है। अत: जिस किसी व्यक्ति को प्रभु श्री राम की कृपा प्राप्ति चाहिए तो उन्हें चैत्र शुक्ल नवमी के दिन इन प्रसादों को भोग स्वरूप अवश्य चढ़ाना चाहिए।
आइए जानें पंचामृत बनाने की सरल एवं पारंपरिक विधि :-
सामग्री :
250 मिली गाय का दूध (ताजा), 2 टेबल चम्मच मिश्री पिसी हुई, 1 चम्मच शहद, 1 चम्मच देशी घी, 2 चम्मच ताजा दही, 2-3 तुलसी के पत्ते।
विधि :
सबसे पहले गाय के ताजे दूध में पिसी मिश्री, शहद, दही एवं घी मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें। इसमें तुलसी के पत्ते मिलाएं। पंचामृत तैयार है।
इस प्रकार दूध, चीनी, शहद दही और घी आदि पांच अमृतों को मिलाकर ही पंचामृत बनाया जाता है, इसके सेवन से स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है।
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राजश्री कासलीवाल
श्रीमती राजश्री कासलीवाल पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव। धर्म, व्रत-त्योहार, ज्योतिष, रेसिपी, साहित्य, लाइफ स्टाइल और अन्य विषयों पर लेखन का कार्य। वर्तमान में विश्व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब-एडिटर (कंटेंट) के पद पर कार्यरत हैं।
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