Hanuman Chalisa

आज इस प्रसाद से लगाएं श्री विष्णु को भोग, प्रसन्न होकर देंगे आशीष

Webdunia
बेसन बर्फी
 
भगवान श्री विष्णु पीले रंग की चीजों का नैवेद्य चढ़ाने से अतिप्रसन्न होते है और अपने भक्तों पर अपनी असीम कृपा बरसाते हुए विशेष वरदान भी देते हैं। अगर आप भी अपनी मनोकामना पूर्ण करना चाहते हैं तो अवश्य पढ़ें यह विधि... 
 
सामग्री : 
 
500 ग्राम मोटा बेसन, एक कप दूध, एक छोटा इलायची पावडर, 4-5 केसर, 2 बड़े चम्मच घी, 750 ग्राम शकर। 
 
विधि :
 
बेसन छान कर उसमें घी का मोयन डालकर दूध से कड़ा आटा गूंथ लें। अब मोटी-मोटी लोई बनाकर उसे मोटा रखकर पूड़ी जितना बड़ा बेल लें। ओवन गर्म करके उसमें मोटी रोटी रख दें। धीमी आँच पर दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक लें। ध्यान रखें कि इसमें ज्यादा दाग न पड़ने पाए। 
 
दोनों तरफ सिंकने के पश्चात उसे गरम-गरम ही हाथ से बारीक मसलते जाए। थोड़ी ही देर बाद उसका बारीक बूरा तैयार हो जाएगा। इसे बड़ी छेदवाली चलनी से छान लें और बाकी बचे मिश्रण को मिक्सी में बारीक कर फिर छान लें। कड़ाही में थोड़ा-सा घी गरम करके तैयार मिश्रण को धीमी आँच पर गुलाबी होने तक और खूशबू आने तक सेकें। 
 
शकर में 1 गिलास के करीब पानी डालकर 3 तार की चाशनी तैयार कर लें। चाशनी में एक चम्मच घी, इलायची, केसर और बेसन का सिका बूरा डालकर एकसार मिला दें। एक थाली में घी लगाकर मिश्रण को थाली में फैला दें। ठंडी होने पर बर्फी के आकार में काट लें। बेसन की स्वादिष्ट बर्फी से भगवान को नैवेद्य चढ़ाएं और वरदान पाएं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

पोहा, समोसा खाकर हो गए हैं बोर तो नाश्ते में खाएं स्प्राउट्स चाट, 5 फायदे: Healthy Breakfast Ideas

ताड़ासन शरीर को फौलादी और सुडौल बनाने वाला योगासन, इसके हैं 5 फायदे

सनातन परंपरा का यह एक नियम, जिसे अब मान रही है मॉडर्न साइंस; रोज सुबह करने से बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

पैरों की पिंडलियों को सुडौल और पतला करने हेतु आजमाएं ये 6 असरदार उपाय

सिर्फ एक अंडा! वैज्ञानिकों ने बताया दिमाग तेज करने का 'सीक्रेट फॉर्मूला'

सभी देखें

नवीनतम

इलाज आपकी थाली में, ध्यान नहीं दिया तो साइलेंट किलर साबित हो सकता है एनीमिया

World Blood Donor Day 2026: विश्व रक्तदान दिवस, कब और क्यों मनाया जाता है?

Blood Donation Quotes: रक्तदान के लिए प्रेरित करेंगे ये शानदार 25 स्लोगन, संदेश और प्रेरक पंक्तियां

बर्लिन में बना जर्मनी का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर

Fathers Day 2026: पिता का साया क्यों होता है सबसे बड़ा सहारा? जानिए फादर्स डे पर

अगला लेख