Publish Date: Tue, 26 Apr 2016 (17:25 IST)
Updated Date: Tue, 26 Apr 2016 (17:31 IST)
उज्जैन। पहले शाही स्नान की असफलता और मेला क्षेत्र में मुलभुत सुविधाओं के अभाव ने प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह को कठघरे में ला दिया है। प्रभारी मंत्री की भूमिका से भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व एवं प्रधानमंत्री कार्यालय खासा नाराज है।
उच्च पदस्थ सूत्रो के अनुसार पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से जवाब-तलब किया है। संघ से जुड़े सूत्र बताते है कि राम जन्म भूमि आंदोलन से जुड़े कुछ संतों ने प्रभारी मंत्री की सीधे प्रधानमंत्री से शिकायत की है।
संघ और भाजपा का समन्वय देख रहे डॉ. कृष्ण गोपाल के पास भी इस तरह की शिकायतें की गई है। विचार परिवार से जुड़े संतों और संगठनों को सुविधाओं के लिए गुहार लगाना पड़ी है। प्रभारी मंत्री केवल अखाड़ों और कुछ संतों के लिए ही समय दे पाए है। बाकी संतों के लिए उनके पास समय नहीं है। खासकर विचार परिवार के संतों को ज्यादा असुविधाएं झेलनी पड़ी है।
पीएमओ और अमित शाह की फटकार के बाद मुख्यमंत्री आनन-फानन में उज्जैन आए है। उच्च स्तरीय समीक्षा जारी है।
उत्तर प्रदेश और पंजाब के संतों की नाराजी पार्टी को चुनाव में भारी पड़ सकती है लिहाजा डेमेज कंट्रोल की कवायद जारी है। बहरहाल प्रभारी मंत्री का राजनितिक भविष्य दांव पर है। (भाषा)
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Publish Date: Tue, 26 Apr 2016 (17:25 IST)
Updated Date: Tue, 26 Apr 2016 (17:31 IST)