suvichar

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

श्रावण मास में इस बार कब-कब निकलेगी महाकाल बाबा की सवारी?

उज्जैन में महाकाल सवारी कब निकलेगी?

Advertiesment
mahakal sawan sawari
Ujjain mahakal sawari 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिवर्ष श्रावण मास और भाद्रपद माह में सोमवार के दिन महाकाल की नगरी उज्जैन में बाबा महाकालेश्वर की सवारी निकलती है। कभी 8 सवारी होती है तो कभी 10 सवारी निकलती है। इसे पाल्की भी कहते हैं। 22 जुलाई 2024 से श्रावण मास प्रारंभ हो रहा है। इसी दिन पहली सवारी निकलेगी और अंतिम शाही सवारी 2 सितम्बर को निकाली जाएगी। ALSO READ: प्रथम श्रावण सोमवार का व्रत किस तारीख को है, जानें व्रत एवं पूजा विधि
 
कब कब निकलेगी सवारी: महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि श्रावण-भादो महीने में निकलने वाली सवारियों के क्रम में प्रथम सवारी सोमवार 22 जुलाई, द्वितीय सवारी सोमवार 29 जुलाई, तृतीय सवारी सोमवार 5 अगस्त, चतुर्थ सवारी सोमवार 12 अगस्त, पंचम सवारी सोमवार 19 अगस्त को श्रावण महीने में निकाली जाएगी। इसी तरह भादो महीने में षष्टम सवारी सोमवार 26 अगस्त और शाही सवारी सोमवार 2 सितम्बर को निकाली जाएगी।
webdunia
इन मार्गों से होकर गुजरेगी सवारी:
1. उज्जैन भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी श्री महाकालेश्वर मन्दिर के सभा मण्डप में विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद अपने तय समय पर शुरू होकर निकलेगी।ALSO READ: प्रथम श्रावण सोमवार का व्रत किस तारीख को है, जानें व्रत एवं पूजा विधि
 
2. यह सवारी महाकाल लोक, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से होते हुए रामघाट शिप्रा तट पहुंचेगी।
 
3. रामघाट शिप्रा तट पर सवारी का पूजन-अर्चन होने के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मन्दिर, सत्यनारायण मन्दिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार होते हए श्री महाकालेश्वर मन्दिर में वापस लौटेगी।
 
4. शाही सवारी 2 सितम्बर को उपरोक्त मार्ग के अलावा टंकी चौराहा से मिर्जा नईमबेग, तेलीवाड़ा चौराहा, कण्ठाल, सतीगेट, सराफा, छत्री चौक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मन्दिर पहुंचेगी।ALSO READ: sawan somwar 2024 date: कब से शुरू होंगे सावन सोमवार, जानें कब कब रहेंगे सोमवार के दिन
 
 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

कर्ण और अश्वत्‍थामा में से कौन था सबसे शक्तिशाली?