Shravan Special : हिन्दू कैलेंडर के अनुसार 22 जुलाई से शिव पूजन का सबसे खास महीना श्रावण मास का शुभारंभ हो रहा हैं और इसी दिन पहला श्रावण सोमवार व्रत भी किया जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रावण मास में शिव जी की आराधना करते समय उन्हें विशेष कर श्रावण सोमवार के दिन बिल्व पत्र यानि बेल पत्र चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि, धन और शांति आती है। इस दिन शिव जी को बिल्व पत्र चढ़ाने का विशेष महत्व हैं, क्योंकि बिल्व पत्र को शिव जी के तीनों नेत्रों का प्रतीक माना जाता है। उनके यह तीन नेत्र भूत, भविष्य और वर्तमान देखते हैं। अतः श्रावण मास में शिव जी की आराधना करते समय पूरे महीने या विशेष कर श्रावण सोमवार के दिन बिल्व पत्र/बेल पत्र चढ़ाना चाहिए।
कब तोड़े बिल्वपत्र : मान्यता अनुसार बिल्व पत्र तोड़ते समय इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या और किसी भी माह की संक्राति पर कभी भी बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिए।
अतः आप भी यदि श्रावण में भगवान भोलेनाथ को बिल्वपत्र पर अर्पित करने की सोच रहे हैं तो उपरोक्त मंत्र बोलते हुए शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाएं। जिससे कि भगवान शिव प्रसन्न आप पर हो तथा इसे चढ़ाने से होने वाले पूरे लाभ आपको प्राप्त हो और जीवन में शुभ चमत्कारिक परिणाम मिलें। इस तरह मंत्र-पूजन से घर में सुख-समृद्धि, शांति और अपार धन की प्राप्ति होती है।
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