Dharma Sangrah

भगवान शिव श्मशान में निवास क्यों करते हैं?

डॉ. छाया मंगल मिश्र
shravan month 2020

शिवजी के श्मशान निवास का गूढ़ रहस्य-
 
शिवजी के श्मशान निवास के संबंध में डॉक्टर बेसेंट कृत ‘मुमुक्ष मार्ग’ (Path of the discipleship) ग्रन्थ में विवेचन मिलता है। इनका कहना है कि कई बार हमें लगता है कि शिवजी जिन्हें हम सर्वश्रेष्ठ देव मानते हैं वे श्मशान में निवास क्यों करते हैं? 
 
ऐसा क्या कारण है कि देवाधिदेव स्वयं इतने पावन पवित्र हो कर भी इतनी अपवित्र जगह पर रहते हैं? यदि हम विचार करें तो तो इसमें बड़ा गूढ़ रहस्य मिलता है। ब्रह्मा, विष्णु की भांति ही शिवजी का का भी सारा पौराणिक वर्णन अध्यात्मपरक है और उन्हीं में से एक है यह श्मशान वास।
 
  श्मशान का अर्थ है ‘संसार’। वहां पर शंकर का वास होने से सांसारिक समस्त नीच मनोवृत्तियां भस्म हो जाती हैं।जैसे श्मशान में मृत शरीरों के भस्म हो जाने पर उनके सड़-गल के दुर्गन्ध और रोग उत्पन्न करने का डर नहीं रहता वैसे ही सांसारिक नीच मनोवृत्ति रूप पदार्थों के शंकर की योगाग्नि द्वारा भस्म हो जाने पर चित्त निर्मल हो जाता है और योगाग्नि की ज्वाला से योगी दिव्य शरीर धारण कर मोक्ष को प्राप्त होता है। पीछे उसमें ममत्व अथवा नीच वृत्ति का लवलेश भी नहीं रहता। इस दृष्टि से देखने पर यह बात बेहतर तरीके से हम समझ सकते हैं कि हमारे पूज्य अराध्य शंकर का निवास श्मशान क्यों है और उन्हें संहारकर्ता क्यों कहा जाता है। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य का मकर राशि में गोचर, 12 राशियों का राशिफल, किसे होगा लाभ और किसे नुकसान

2026 में इन 4 राशियों का होगा पूरी तरह कायाकल्प, क्या आप तैयार हैं?

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

Basant Panchami 2026: वर्ष 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार कब मनाए जाएगा

क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

सभी देखें

धर्म संसार

माघ शुक्ल चतुर्थी को कहां मनाई जाती है गणेश जयंती?

मौनी अमावस्या की पौराणिक कथा Mauni Amavasya Katha

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (16 जनवरी, 2026)

16 January Birthday: आपको 16 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

शुक्र प्रदोष का व्रत रखने से शुक्र होगा मजबूत और मिलेगा शिवजी और लक्ष्मी माता का आशीर्वाद, जानें उपाय

अगला लेख