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इस बार की महाशिवरात्रि क्यों हैं खास, जरूर करें ये 5 अचूक उपाय

WD Feature Desk
शनिवार, 22 फ़रवरी 2025 (16:48 IST)
Mahashivaratri 2025: फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 26 जनवरी 2025 बुधवार को यह त्योहार मनाया। 26 फरवरी को गोचरवश त्रिग्रही योग में बुधादित्य-योग का निर्माण हो रहा है। यह बड़ा ही दुर्लभ संयोग है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा लेकिन उसकी जगह अमृतकाल मुहूर्त रहेगा। सुबह 07:28 से 09:00 के बीच और शाम को 06:17 से 06:42 के बीच पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है। इसी के साथ ही महाकुंभ में महाशिवरात्रि का स्नान भी होने से इस की शिवरात्रि बहुत ही खास है। इस दिन 5 अचूक उपाय जरूर करें।ALSO READ: महाशिवरात्रि पर ये सरल ज्योतिषीय उपाय दिलाएंगे कई बड़ी समस्याओं से छुटकारा
 
  1. धन प्राप्ति के लिए बिल्वपत्र से पूजा करें।
  2. पुत्र प्राप्ति के लिए दूध और हल्दी मिलाकर अभिषेक करें।
  3. प्रेम प्राप्ति के लिए शिव पार्वती का संयुक्त पूजन करें।
  4. सुख समृद्धि के लिए सफेद आंकड़े के फूल अर्पित करें।
  5. सर्व मनोकामना पूर्ति के लिए पंचामृत अभिषेक कराएं।
1. बिल्वपत्र का उपाय : महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर बिल्वपत्र, शमी के पत्ते और धतूरे के पत्ते अर्पित किए जाते हैं। इस दिन 21 बिल्व पत्रों पर चंदन से 'ॐ नम: शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इससे इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। शमी वृक्ष के पत्तों तथा चमेली के फूल से शिव जी का पूजन करने पर अपार धन-संपदा का आशीष मिलता है।ALSO READ: Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि के 5 खास अचूक उपाय, आजमाएंगे तो मिलेगा अपार लाभ
 
2. शिव मंदिर में जलाएं दीपक : महाशिवरात्रि पर सायंकाल के समय शिव मंदिर में दीया जलाने से धन संबंधी समस्याएं दूर होकर अपार धन-संपत्ति तथा ऐश्वर्य की प्राप्ति होती हैं।
 
3. रुद्राभिषेक करें: रुद्र अर्थात भूतभावन शिव का अभिषेक। शिव और रुद्र परस्पर एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। शिव को ही 'रुद्र' कहा जाता है, क्योंकि रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र: यानी भोले सभी दु:खों को नष्ट कर देते हैं। विविध कामनाओं की पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक के पूजन के निमित्त अनेक द्रव्यों तथा पूजन सामग्री को बताया गया है। साधक रुद्राभिषेक पूजन विभिन्न विधि से तथा विविध मनोरथ को लेकर करते हैं। किसी खास मनोरथ की पूर्ति के लिए तदनुसार पूजन सामग्री तथा विधि से रुद्राभिषेक किया जाता है। अनुष्ठान में शिवलिंग पर पंचामृत के साथ ही अन्य औषधि और पदार्थों का भी उपयोग करते हैं। रुद्राभिषेक करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
 
4. शिव परिवार और गणों की पूजा: इस दिन सिर्फ शिव ही नहीं बल्कि माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, अशोक सुंदरी, मनसादेवी, नंदी, वासुकि नाग, रिद्धि सिद्धि, लाभ शुभ, आमोद प्रमोद, मूषक, मयुर, आदि सभी की पूजा करें। इसी के आशीर्वाद से जीवन के सभी संकट दूर होंगे। 
 
5. गरीबों को कराएं भोजन: महाशिवरात्रि के दिन गरीबों, असहाय व्यक्तियों, गाय, बोल आदि को भोजन कराएं। इससे घर में कभी अन्न एवं धन की कमी नहीं होगी और पितरों की आत्मा को शांति मिलेगी।

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