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शनि जयंती पर 30 साल बाद दुर्लभ संयोग, कर लें ये 5 उपाय, खुल जाएंगे भाग्य

Webdunia
रविवार, 29 मई 2022 (03:48 IST)
Shani Jayanti 2022 : ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि यानी कि 30 मई 2022 सोमवार को शनि जयंती, सोमवती अमावस्या और वट सावित्री व्रत तीनों एक ही दिन पड़ रहे हैं। शनि दोष से मुक्ति और धन-समृद्धि प्राप्त करने लिए यह खास दिन है। इस दिन कर लें 5 मुख्य काम।
 
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1. छायादान करें : इस दिन शनिदेव का जन्म हुआ था। इस दिन उनकी पूजा करने और छायादान करने तथा शनि का दान करने से शनि की कुंडली से शनि दोष, महादशा, ढैया और साढ़ेसाती की पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है।
 
2. बरगद की पूजा : वट सावित्री के दिन बरगद की पूजा का महत्व है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और स्वास्थ्य के लिए व्रत रखकर बरगद की पूजा करती हैं। इस बार सर्वार्थसिद्धि योग में वट सावित्री की पूजा होगी।
 
3. पीपल की पूजा : सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव के साथ ही चंद्रदेव की पूजा करने से सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है। तब से यह मान्यता है कि सोमवती अमावस्या को पीपल के वृक्ष की पूजा करने से सुहाग की उम्र लंबी होती है। ऐसा माना गया है कि पीपल के मूल में भगवान विष्णु, तने में शिवजी तथा अग्रभाग में ब्रह्माजी का निवास होता है। अत: इस दिन पीपल के पूजन से सौभाग्य की वृद्धि होती है। शिव-पार्वती और तुलसीजी का पूजन कर सोमवती अमावस्या का लाभ उठा सकते हैं।
 
4. पितृ तर्पण : सोमवती अमावस्या के दिन की पितरों को तिल और जल देने से उन्हें तृप्ति मिलती है। महाभारत काल से ही पितृ विसर्जन की अमावस्या, विशेषकर सोमवती अमावस्या पर तीर्थस्थलों पर पिंडदान करने का विशेष महत्व है।

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