Publish Date: Sat, 28 May 2022 (15:14 IST)
Updated Date: Sat, 28 May 2022 (15:34 IST)
Shani jayanti 2022 tithi : ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है। इसी दिन शनिदेव का जन्म हुआ था। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार 30 मई 2022 सोमवार को शनि जयंती मनाई जा रही है। आओ जानते हैं कि दान, पूजा या मंत्र, जानिए शुभ फल प्राप्ति के लिए क्या करें सारा दिन।
शनि मंत्र : शनि जयंती पर शनि मंदिर में बैठकर 'ॐ एं श्री श्री शनैश्चराय' का जाप करना चाहिए। या ॐ शं शनैश्चराय नम: का जाप करें।
शनि का दान : सरसों का तेल, काले तिल, उड़द की दाल, उड़द की बूंदी के लड्डू, काला छाता, चमड़े के जूते चप्पल, कंबल, लोहे की वस्तु आदि दान करना चाहिए। शनि जयंती के दिन व्रत के पारण के बाद किसी निर्धन व्यक्ति को भोजन कराएं। सफाईकर्मी को सिक्के दान में दें और मंदिर में तेल, उड़द और तिल का दान करें। इसके अलावा यथाशक्ति आप जो दान देना चाहे वह दें।
shani ki sade sati ke upay
शनि पूजा विधि:
1. प्रात: काल उठकर नित्यकर्म से निवृत्त होकर पूजा स्थान की सफाई करें।
2. किसी लकड़ी के पाट पर काला या लाल वस्त्र लेकर बिछाएं और उस पर शनिदेव की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
3. अब शनिदेव की मूर्ति या तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित करें।
4. अब शनिदेव की मूर्ति या तस्वीर पर तेल, फूल माला और प्रसाद अर्पित करें। फिर उनके चरणों में काली उड़द और तिल चढ़ाएं। पंचोपचार या षोडोपचार पूजा करें।
5. इसके शनि चालीसा का पाठ करें और व्रत का संकल्प लें।
6. इसके बाद शनिदेव की आरती उतारें और प्रसाद का वितरण करें। शाम को भी चालीसा पढ़ें और आरती करें।
पूजन के शुभ मुहूर्त :
1. अमावस्या तिथि 29 मई रविवार को दोपहर 2 बजकर 54 मिनट से प्रारंभ होकर 30 मई सोमवार को शाम 4 बजकर 59 मिनट पर समाप्त होगी।
2. अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:28 से 12:23 तक।
3. विजय मुहूर्त : दोपहर 02:12 से 03:06 तक।
4. निशिता मुहूर्त : 11:35 से 12:16 तक।