Publish Date: Fri, 29 Apr 2022 (13:03 IST)
Updated Date: Fri, 29 Apr 2022 (14:54 IST)
Shani gochar 2022 Kumbh Mantra : शनि ग्रह ने राशि परिवर्तन कर लिया है। 29 अप्रैल को अपनी ही राशि मकर से निकलकर स्वयं की राशि कुंभ में प्रवेश कर लिया है। 30 वर्ष के बाद शनि के इस महागोचर से 3 राशि वाले जातक होंगे खुश, 2 राशि के जातकों के लिए खड़ा होगा संकट। ऐसे में याद कर लें ये 8 खास शनि मंत्र।
3 को राहत 2 को कष्ट : शनि के गोचर से धनु, मिथुन और तुला राशि के जातकों को राहत मिलेगी जबकि मीन और कुंभ राशि वालों के लिए संकट खड़ा हो सकता है।
शनि के 8 मंत्र ( Shani mantra) :
1. सामान्य मंत्र : ॐ शं शनैश्चराय नमः।
2. शनि बीज मंत्र : ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।
3. पौराणिक मंत्र : ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम॥
4. वैदिक मंत्र : ऊँ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।
5. शनि का तंत्रोक्त मंत्र- ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:। या ॐ ऐं ह्लीं श्रीशनैश्चराय नम:।
6. शनि गायत्री मंत्र : ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्।
7. शनि दोष निवारण मंत्र : ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम। उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात।।
8. अन्य मंत्र :
कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।
किसी भी विद्वान ब्राह्मण से या स्वयं शनि के तंत्रोक्त, वैदिक मंत्रों के 23,000 जाप करें या करवाएं।
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