Hanuman Chalisa
✕

ये तीन बातें सीख लीं तो आपकी कोई मृत्यु नहीं

अनिरुद्ध जोशी
शनिवार, 21 सितम्बर 2019 (14:25 IST)
-उपनिषद ज्ञान
 
उपनिषद कहते हैं कि मृत्यु शरीर की होती है, आत्मा की नहीं। जिस आत्मा ने खुद को शरीर से अलग करके नहीं देखा, वही जन्म, मृत्यु और उसके बीच के जीवन के दुखद चक्र से गुजरता रहेगा। यह गीता का उपदेश है कि 'न कोई मरता है और न कोई मारता है तो फिर मौत से क्यों डरना?' आओ अब जानते हैं कि वे तीन बातें क्या हैं जिन्हें सीखने से मृत्यु नहीं होती।
 
 
1. आपका सोचना, समझना, भावुक होना, प्रसन्न होना, दुखी होना या भयभीत होना यह सभी आपको शरीर ही बनाकर रखेगा। इसीलिए मात्र देखना और सुनना सीखें। देखें विचारों को, भावनाओं को, लोगों की प्रतिक्रिया को सुनें लेकिन उस पर अपनी कोई राय नहीं बनाएं और न ही विचार करें। जैसे सिनेमा के पर्दे पर एक चित्र आता है और चला जाता है लेकिन पर्दा सफेद का सफेद ही रहता है, उसी तरह हम अपने चित्त को सभी से अछूता कर लें, क्योंकि वह खाली है। बहुत कम लोग जानते हैं कि वे जो देख और सुन रहे हैं, उसमें मिलावट है विचार और भावनाओं की। मौन से ही मन की मृत्यु संभव है।
 
ALSO READ: चार वेद, जानिए ऋग्वेद में क्या है...
2. आस्तिकता को प्राप्त नहीं करना पड़ता है, क्योंकि वह हमें मुफ्त में मिली होती है। लेकिन नास्तिकता को अपने ज्ञान और साहस से हासिल करना होता है। किसी किताब को पढ़कर या किसी व्यक्ति से प्रभावित होकर यदि आप नास्तिक बने हैं तो आप गलत मार्ग पर हैं। अंत में आपको यह दोनों ही छोड़ना होता है तभी आगे बढ़ सकते हैं। बहुत आसान है, जैसे कि एक बच्चे की बुद्धि में आस्तिकता या नास्तिकता नहीं होती है। यह इसलिए जरूरी है कि आपको जानना होता है कि आप संसार में अकेले हैं और अपने साथ न्याय या अन्याय करने के लिए स्वतंत्र हैं।
 
 
3. यदि आप उपरोक्त दो स्टेप पार कर लेते हैं तो तीसरी स्टेप में आपको अच्छे से योगासन सीखने के बाद बस योग निद्रा में श्वासों पर ध्यान देते रहना है। एक दिन आप खुद ही शरीर से बाहर निकलने का अभ्यास करना सीख जाएंगे। मार्गदर्शन के लिए आपको योगसूत्र और उपनिषदों का निरंतर अध्ययन करते रहना चाहिए।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

22 October Birthday: आपको 22 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (22 अक्‍टूबर, 2026)

कैसे हुए करवाचौथ की शुरुआत? जानें इतिहास और व्रत के खास नियम

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 अक्‍टूबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

क्यों मनाई जाती है शरद पूर्णिमा? देवी लक्ष्मी से क्या है संबंध? जानिए इसका धार्मिक महत्व

अगला लेख