जब रात चांदनी रो रोकर कोई गीत नया सुनाएगी ओस की बूंद बनकर धरती पर वह छा जाएगी उसकी उस मौन व्यथा को तुम शब्दों का रूप दे जाओगे प्रिय तुम मेरी कविताओ में आओगे जब आंख के आंसू बहकर के कपोलों पर ठहरे होंगे जब काजल...