Hanuman Chalisa

प्रेम कविता : मुझे कुछ कहना है

सुशील कुमार शर्मा
बुधवार, 12 फ़रवरी 2025 (14:22 IST)
सुनो
तुमसे एक बात कहना है
मुझे यह नहीं कहना कि
तुम बहुत सुंदर हो
और मुझे तुमसे प्यार है।
मुझे प्यार का इज़हार भी नहीं करना
मुझे कहना है कि तुम
बहुत दुबली हो गई हो
सबका ख्याल रखते रखते
कभी अपने तन मन
को भी निहार लिया करो।
रिश्ते निभाते निभाते
तुम भूल गई हो कि
तुम एक अस्तित्व हो, तुम एक मनुष्य हो मशीन नहीं।
तुम्हारा भी एक मन है
एक तन है
उस मन में बचपन की
कुछ इच्छाएं हैं, कुछ बनने की
कुछ बुनने की।
तुम्हारा सुंदर तन
रिश्ते मांजते हुए, रह गया है एक पोंछा।
 
तुम्हें जब भी गुस्सा आता है
तुम पढ़ने लगती हो किस्से कहानियां और ग्रंथ।
जब तुम्हें रोना आता है तो
बगीचे में पौधों से बात करती हुई
पौंछ लेती हो पत्तियों से आंसू
प्रेम की परिभाषा को बदल दिया तुमने
कहते हैं प्रेम सिर्फ पीड़ा और प्रतीक्षा देता है।
तुम्हारा प्रेम खिला देता है 
मन के बगीचे में कई 
सतरंगी गुलाब।
 
जब भी तुम्हें देखता हूं
तुम्हारे आंसुओ से पूछता हूं
तो बस एक ही उत्तर
बस थोड़ा सा दिल टूटा है
थोड़े से सपने बिखरे हैं
थोड़ी सी खुशियां छिनी हैं
थोड़ी सी नींदें उड़ीं हैं
और कुछ नहीं हुआ है।
 
जब भी मैंने तुम्हें सम्हालने
के लिए हाथ बढ़ाया है
तुमने मेरी हथेली पर 
उसका नाम लिखा है।
जो तुम्हारा कभी नहीं था।
 
सुनो लौट आओ
दर्द के समंदर से।
प्रेम अस्तित्व की 
अनुभूति से होता है
शरीर से नहीं।
 
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)

ALSO READ: काशी पर कविता: प्रणम्य काशी

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

नवीनतम

कविता: लाल किला तुझे सलाम

Essay on Friendship Day: फ्रेंडशिप डे: दोस्ती के अटूट बंधन का खूबसूरत पर्व, पढ़ें हिन्दी में रोचक निबंध

ये हमारी कहानी नहीं हैं, हमारी कहानी कुछ और है, जिसे हमें खोजना है

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता (फिर इंदौर) हमारा

अगला लेख