ganesh chaturthi

राजा दशरथ का महल अयोध्या

अनिरुद्ध जोशी
बुधवार, 5 अगस्त 2020 (09:49 IST)
अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण 5 अगस्त 2020 से प्रारंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे। इस निर्माण के दौरान लगभ 150 से अधिक पौराणिक स्थानों का जीर्णोद्धार भी होना हैं जिसमें से एक दशरथ महल भी है। आओ जानते हैं इसके बारे में संक्षिप्त में।
 
 
अयोध्या में रामकोट स्थित 'दशरथ महल' दशरथ जी का राजमहल जो जिसे आज एक सिद्ध पीठ माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार राजा दशरथ ने त्रेता युग में इस महल की स्थापना की थी। इस स्थान पर श्री वैष्णव परम्परा की प्रसिद्ध पीठ एवं विन्दुगादी की सर्वोच्च पीठ भी स्थित है। इस पौराणिक महल का कालांतर में कई बार जीर्णोद्धार हुआ है।
 
महाराज दशरथ के महल को बड़ा स्थान या बड़ी जगह के नाम से भी जाना जाता है। राम विवाह, दीपावली, श्रावण मेला, चैत्र रामनवमी और कार्तिक मेला का यहां उत्साह के साथ मनाया जाता है। माना जाता है कि चक्रवर्ती महाराज दशरथ महल में राजा दशरथ अपने नाते-रिश्तेदारों के साथ रहते थे। यह स्थल अब एक पवित्र मंदिर के रूप में तब्दील हो चुका है, जहां राम-सीता, लक्ष्मण और शत्रुघ्न आदित की प्रतिमाएं हैं। यह स्थल सैलानियों के लिए सुबह 8 से लेकर दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 से लेकर रात के 10 बजे तक खोला जाता है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति को पांचवें दिन कौन सा भोग लगाएं, प्रसाद चढ़ाएं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

अगला लेख