sundarkand
✕

धनतेरस पर खरीदें ये पांच वस्तुएं, जानिए खरीदारी का मुहूर्त

अनिरुद्ध जोशी
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। यह पांच दिन चलने वाले दीपावली उत्सव का पहला दिन होता है। धनतेरस से ही तीन दिन तक चलने वाला गोत्रिरात्र व्रत भी शुरू होता है। आओ जानते हैं इस दिन खरीदे जाने वाली 5 खास वस्तुएं और खरीदे जाने का मुहूर्त।
 
 
1. सोना खरीदना : इस दिन सोने या चांदी के आभूषण खरीदने की परंपरा भी है। सोना भी लक्ष्मी और बृस्पति का प्रतीक है इसलिए सोना खरीदें। कुछ लोग सोने या चांदी के सिक्के खरीदते हैं।
 
2. बर्तन खरीदना : इस दिन पुराने बर्तनों को बदलकर यथाशक्ति ताम्बे, पीतल, चांदी के गृह-उपयोगी नवीन बर्तन खरीदते हैं। पीतल के बर्तन लक्ष्मी और बृहस्पति के प्रतीक हैं अत: इस दिन सोना नहीं खरीद पा रहे हैं तो पीतल के बर्तन जरूर खरीदें।
 
3.धनिया खरीदना : इस दिन जहां ग्रामिण क्षेत्रों में धनिए के नए बीज खरीदते हैं वहीं शहरी क्षेत्र में पूजा के लिए साबुत धनिया खरीदते हैं। इस दिन सूखे धनिया के बीज को पीसकर गुड़ के साथ मिलकर एक मिश्रण बनाकर 'नैवेद्य' तैयार करते हैं।
 
4. नए वस्त्र खरीदना : इस दिन दीपावली पर पहनने के लिए नए वस्त्र खरीदने की परंपरा भी है।
 
5. अन्य वस्तुएं : इसके अलावा इस दिन दीपावली पूजन हेतु लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, खिलौने, खील-बताशे आदि भी खरीदे जाते हैं। इस दिन लक्ष्मी, गणेश, कुबेर, धन्वंतरि और यमराजजी की पूजा होती है। इस दिन ग्रामिण क्षेत्रों में पशुओं की पूजा भी होती है।
 
पू्जा मुहूर्त : इस बार धनतेरस की त्रयोदशी तिथि 12 नवंबर 2020 गुरुवार को रा‍त्रि 09 बजकर 30 मिनट से प्रारंभ होकर 13 नवंबर शुक्रवार शाम 05 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। ऐसे में धनतेरस 13 नवंबर को है। परंतु लाला रामस्वरूप कैलेंडर के अनुसार धनतेरस 12 नवंबर को ही है।
 
13 नवंबर के अनुसार इस बार धनतेरस की पूजा के लिए शाम को 05 बजकर 28 मिनट से शाम को 05 बजकर 59 मिनट के मध्य ही मुहूर्त है। परंतु खरीददारी हेतु। परंतु दिल्ली टाइम के अनुसार धनतेरस मुहूर्त :17:34:00 से 18:01:28 तक रहेगा।
 
खरीदारी का मुहूर्त :
*12 नंवबर को खरीददारी करना चाहते हैं कि सुबह 11:20 से 12:04 तक अभिजीत मुहूर्त है। इसके बाद रात्रि 8:32 से 9:58 तक अमृत काल रहेगा।
*13 नंवबर को खरीददारी करना चाहते हैं कि सुबह 11:20 से 12:04 तक अभिजीत मुहूर्त है।
 
12 नवंबर 2020, गुरुवार, रात्रि 9 बजकर 30 मिनट से 13 नवंबर सुबह 6 बजकर 42 मिनट तक, नक्षत्र - हस्त, चित्रा, तिथि- त्रयोदशी। 13 नवंबर 2020, शुक्रवार, सुबह 6 बजकर 42 मिनट से शाम 5 बजकर 59 मिनट तक, नक्षत्र- चित्रा, तिथि- त्रयोदशी रहेगी। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

मंगल और शनि का त्रिकोण दृष्टि योग, 5 राशियों के लिए पराक्रम दिखाने का समय

शारदीय नवरात्रि 2026: मां कालरात्रि की पूजा विधि, मंत्र, आरती और पौराणिक कथा जानें

विजयादशमी का महाउपाय: 100 रुपए की इस एक दिव्य वस्तु से चमक जाएगी आपकी किस्मत

शारदीय नवरात्रि: व्रत पारण की तिथियाँ एवं सही नियम

दशहरा 2026: शस्त्र पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें सही विधि और धार्मिक महत्व

अगला लेख