Festival Posters

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

अंतरराष्ट्रीय गोल्फर रंधावा की मुश्किलें बढ़ी, नहीं हो सकी जमानत

Advertiesment
हमें फॉलो करें Jyoti Randhawa
BY DIGITAL DESK | EDITED BY: PRASHANT PANDEY
PUBLISH DATE: WED, 18 FEB 2026 10:35:04 AM (IST)     UPDATED DATE: WED, 18 FEB 2026 01:44:48 PM (IST)
बहराइच , गुरुवार, 10 जनवरी 2019 (20:40 IST)
बहराइच (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य में शिकार के आरोप में गिरफ्तार अंतरराष्ट्रीय गोल्फर ज्योति रंधावा और उनके साथी पूर्व नेवी अधिकारी महेश विराजदार की जमानत बृहस्पतिवार को भी नहीं हो सकी। दोनों बहराइच जेल में बंद हैं। यह अभयारण्य भारत-नेपाल सीमा पर बहराइच जनपद की नानपारा तहसील में स्थित है। सत्र अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 14 जनवरी निर्धारित की है।
 
वन विभाग के अधिवक्ता सुरेश यादव ने बताया कि जिला जज उपेन्द्र कुमार ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए आज की तारीख निर्धारित की थी। विवेचक द्वारा मुकदमे में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 48—ए तथा 51(1) सी बढ़ाए जाने के कारण मामला दोबारा निचली अदालत में सुनवाई हेतु भेजा गया।
 
मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी नवनीत कुमार भारती ने रंधावा और उसके साथी की जमानत अर्जी आज फिर खारिज कर नई धाराओं में विवेचक को रिमांड प्रदान की है। निचली अदालत की कार्यवाही समय रहते पूरी नहीं होने की वजह से जिला जज उपेन्द्र कुमार ने अगली सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख दी है।
 
सरकारी वकील यादव ने बताया कि बढ़ी धाराएं 48—ए जंगली मुर्गे को वाहन पर ले जाने के लिए तथा 51(1) सी टाइगर रिजर्व जोन में अपराध करने की हैं।
 
उल्लेखनीय है कि गोल्फर रंधावा व पूर्व नेवी कैप्टन विराजदार को बीते माह की 26 तारीख को जंगल में शिकार के आरोप में कतर्नियाघाट सेंचुरी इलाके में वन्य जीव संरक्षण कानून व वन अधिनियम की धाराओं में वन विभाग के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था।
 
दोनों के कब्जे से हरियाणा नंबर की एसयूवी जीप, प्रतिबंधित 0.22 बोर की टेलीस्कोप लगी राइफल, शिकार में प्रयुक्त होने वाले उपकरण, एक जंगली मुर्गा जिसे गोली लगी थी तथा सांभर की खाल और अन्य वस्तुएं बरामद हुई थीं।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

विराट कोहली लगातार दूसरे साल टॉप पर, शाहरुख पांचवें पायदान पर लुढ़के