Publish Date: Mon, 10 Jun 2019 (22:43 IST)
Updated Date: Tue, 11 Jun 2019 (01:31 IST)
पटना (मुजफ्फरपुर)। बिहार के मुजफ्फरपुर सहित कुल 5 जिलों में मस्तिष्क ज्वर सहित अन्य अज्ञात बीमारी से अब तक 26 बच्चों की मौत हो गई है जबकि 103 बच्चों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
पटना में सोमवार को आयोजित 'लोक संवाद' के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुजफ्फरपुर जिले में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह गोरखपुर से बरसात के पहले शुरू होता है। इस बीमारी को मस्तिष्क ज्वर के रूप में चिन्ह्ति किया गया था। इसके लिए पहले भी समिति बनी थी और उसके बारे में कई सुझाव आए थे।
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि इस संबंध में बड़े तौर पर जागरूकता लाने में स्थानीय स्तर पर जरूर कोई कमी रह गई है और वे इसे मुख्य सचिव अपने स्तर पर देखेंगे ताकि लोग बच्चों की इस बीमारी से बचाव के लिए उचित देखभाल कर सकें। इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई कर रहा है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि मस्तिष्क ज्वर के प्रदेश में कुल 48 मामले प्रकाश में आए हैं। इसमें कुल 11 बच्चों की मौत होने की बात प्रकाश में आई है जिनमें से 10 हाइपोग्लाइसिमिया (रक्त में शर्करा की कमी) के मामले शामिल हैं।
मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन डॉ. शैलेष प्रसाद ने सोमवार शाम को बताया कि प्रदेश के 5 जिलों मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, वैशाली एवं पूर्वी चंपारण जिलों में हाइपोग्लाइसिमिया और अन्य अज्ञात बीमारी से मरने वाले बच्चों की संख्या बढकर अब 26 हो गई जिनमें से 21 मुजफ्फरपुर के बच्चे शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि 5 अन्य अज्ञात बीमारी से मरने वाले बच्चों के जांच नमूने को परीक्षण के लिए पटना स्थित आरएमआरआई भेजा गया है। शैलेष ने बताया कि मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज सहित अन्य अस्पतालों में हाइपोग्लाइसिमिया सहित अन्य अज्ञात बीमारी से प्रभावित 103 बच्चों का उपचार जारी है। हाइपोग्लाइसिमिया और अन्य अज्ञात बीमारी से प्रभावित बच्ची की आयु 7 साल तक है। (भाषा)
webdunia
Publish Date: Mon, 10 Jun 2019 (22:43 IST)
Updated Date: Tue, 11 Jun 2019 (01:31 IST)