khatu shyam baba

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

दुष्कर्म पीड़िता ने हाईकोर्ट से मांगी गर्भपात कराने की अनुमति

Advertiesment
Abuse victim
नैनीताल। बलात्कार पीड़ित नाबालिग युवती ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय से 20 हफ्ते से अधिक का गर्भ गिराने की अनुमति मांगी है।
 
 
न्यायाधीश मनोज तिवारी ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए नैनीताल के मुख्य चिकित्साधिकारी को आदेश दिया है कि 3 वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम गठित कर गर्भ परीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जाए। न्यायालय ने पीड़िता की पहचान उजागर नहीं करने के भी निर्देश दिए हैं। मामले में निर्णायक सुनवाई 11 जुलाई को होगी।
 
बलात्कार पीड़िता 16 वर्षीय युवती और उसकी मां की ओर से प्रार्थना पत्र देकर उच्च न्यायालय से यह मांग की गई है। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि वह बलात्कार की शिकार है। उसके पेट में 20 सप्ताह से अधिक का गर्भ है। घटना के बाद उसे नारी निकेतन हल्द्वानी भेज दिया गया।
 
इसके बाद गत 16 जून को वह नारी निकेतन से अपने घर लौटी तो मेडिकल परीक्षण में 20 सप्ताह से अधिक का गर्भ का पता चला। चिकित्सकों ने कानून का हवाला देते हुए गर्भपात कराने से इंकार कर दिया। चिकित्सकों ने बताया कि गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम 1971 की धारा 3 के अनुसार 20 हफ्ते से अधिक गर्भ का गर्भपात कराने की अनुमति नहीं है। (वार्ता)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

कश्मीर में सीआरपीएफ के शिविर, गश्ती दल पर ग्रेनेड हमला