Publish Date: Fri, 30 Nov 2018 (15:54 IST)
Updated Date: Fri, 30 Nov 2018 (16:04 IST)
महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा में कुछ ऐसा देखने को मिला जब पांच साल का एक दिव्यांग बच्चा जनता दरबार में लोगों की समस्या सुनते वह उनका निस्तारित करते हुए देखा गया। पहले तो लोग हैरत में पड़ गए यह क्या मजाक चल रहा है, लेकिन जब उन्हें पता चला कि यह पांच साल का बच्चा कोई और नहीं बल्कि एक दिन का विधायक है क्योंकि उसके पास वह सारी सुविधाएं मौजूद थीं जो एक विधायक के पास होती हैं।
लेकिन, जब लोगों ने उसकी जानकारी विधायक जी से की तो उन्होंने कहा जनता की समस्या सुन उनका निराकरण करना मेरा परम कर्तव्य है। ऐसे में इस नन्हे से बच्चे की इच्छा थी, जिसको उन्होंने पूरा किया है क्योंकि इस बच्चे ने राजनीति में आकर विधायक बनने की इच्छा जाहिर की थी तो मैंने उसे अपने स्थान पर एक दिन का विधायक घोषित कर दिया है। आज सारी जनसमस्याएं यह नन्हा विधायक ही निस्तारित करेगा।
इसके बाद महोबा के चरखारी में यह नन्हा विधायक चर्चा का विषय बना रहा। बताते चलें महोबा के चरखारी में एक दिन का विधायक बनने का श्रेय अरुण को मिला। यह यह बच्चा जन्म से ही बोल पाने में असमर्थ है। उसकी यह स्थिति देखकर मां-बाप उसके भविष्य को लेकर चिंता में रहते हैं।
विधायक बनाने की घटना ने बच्चे को तो खुश किया ही साथ ही उसके मां-बाप के चेहरे पर भी मुस्कान बिखर गई। अपने दिव्यांग बेटे को इस तरह सम्मान मिलने से पिता तुलसीराम की आंखें नम हो गईं। चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने बताया कि दिव्यांग बच्चे के पिता के माध्यम से यह जानकारी मिली की वह राजनीति में आकर कुछ करना चाहता है, लेकिन वह बोल नहीं सकता है।
उन्होंने कहा कि उसको सामाजिक सम्मान दिलाने के लिए एक दिन का विधायक घोषित करते हुए सारा प्रोटोकोल उसके हवाले कर दिया और जो भी समस्याएं आ रही थीं उनका निस्तारण इशारों में बताता था और जिसको वहां पर मौजूद अधिकारी पूरा करते थे। एक दिन के इस विधायक ने बकायदा चौपाल लगाकर लोगों की समस्या को सुना और निस्तारण भी किया है।
नन्हे विधायक के पिता ने चरखारी से विधायक बृजभूषण राजपूत को तहे दिल से धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने मेरे बच्चे की इच्छा को पूरा करते हुए उसके परिवार का जीवन धन्य कर दिया है। वह विधायक जी का जीवन भर आभारी रहेगा।