Hanuman Chalisa

Second Roza : ख़्वाहिशों पर क़ाबू का नाम है दूसरा रोजा

Webdunia
पवित्र रमजान में रोजा ईमान की कसावट है। रोजा सदाक़त (सच्चाई) की तरावट और दुनियावी ख़्वाहिशों पर रुकावट है। दिल अल्लाह के ज़िक्र की ख़्वाहिश कर रहा है तो रोजा इस ख़्वाहिश को रवानी (गति) देता है और ईमान को नेकी की खाद और पाकीज़गी का पानी देता है। लेकिन रोजा रखने पर दिल दुनिया की ख़्वाहिश करता है तो रोजा इस पर रुकावट पैदा करता है।
 
रमजान में अल्लाह का फ़रमान है 'या अय्युहल्लज़ीना आमनु कुतेबा अलयकुमुस्स्याम' यानी 'ऐ किताब (क़ुरआन पाक) के मानने वालों रोजा तुम पर फ़र्ज़ है।' इसके मा'नी (मतलब) यह भी है कि किताब और रोज़े को समझो। यानी क़ुरआन को समझ कर और सही पढ़ो (इसका मतलब यह है कि पवित्र क़ुरआन ख़ुदा का यानी अल्लाह का कलाम है और उसको अदब और खुशूअ (समर्पण की भावना) के साथ पढ़ो। उसकी मनगढ़ंत या मनमानी व्याख्या मत करो। क्योंकि क़ुरआन इंसाफ़ की यानी अल्लाह की किताब है।
 
रोजे को समझना सबसे बड़ी बात है। रोजे को समझना यानी रोजे से जुड़े एहतियात बरतना और ग़ुस्से/लालच/हवस पर क़ाबू रखना ही सच्चा रोजा है।

सुबह सेहरी करके रोजा तो रख लिया मगर ज़बान से झूठ बोलते रहे, दिमाग़ से गलत सोचते रहे, हाथों से ग़लत काम करते रहे, पांवों से ग़लत जगह जाते रहे, आंखों से बुरा देखते रहे, जिस्म से गलत हरकतें करते रहे, ज़हन ख़ुराफ़ात में लगाते रहे तो ऐसा रोजा, रोजा न रहकर फ़ाक़ा (सिर्फ भूखा-प्यासा रहना) हो जाएगा। 
 
रोजा ख़्वाहिशों पर क़ाबू (इंद्रिय निग्रह) का नाम है। रोजा सब्र और संयम का प़ैगाम है। दूसरा रोजा शफ़ाअत और इनाम है। 

प्रस्तुति- अज़हर हाशमी
 
ALSO READ: Ramadan 2022 : क्यों सबसे खास माना गया है रमजान का महीना, जानें महत्व

सम्बंधित जानकारी

मीन राशि में 5 ग्रहों की बड़ी हलचल: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, क्या आपकी राशि है शामिल?

सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में, 3 राशियों के लिए गोल्डन टाइम

शनिदेव की कृपा के ये गुप्त संकेत पहचानें, जीवन में आएंगे बड़े बदलाव

क्या आपकी कुंडली में है गंडमूल दोष? तुरंत करें ये 5 असरदार उपाय

मेष राशि में सूर्य का प्लूटो से स्क्वायर, क्या होगा 4 राशियों पर इसका प्रभाव

02 May Birthday: आपको 2 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 2 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

ग्रहों का नक्षत्र गोचर काल क्या है? जानिए इसकी अवधि और प्रभाव

11 मई 2026 का महागोचर: 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, पीछे मुड़कर देखने की नहीं पड़ेगी जरूरत

नारद जयंती 2026: ब्रह्मांड के पहले 'इंफॉर्मेशन ऑफिसर' देवर्षि नारद की 5 अनसुनी गाथाएं

अगला लेख