Dharma Sangrah

गौरी व्रत कब से कब तक रखा जाएगा, जानें इसका महत्व

WD Feature Desk
सोमवार, 1 जुलाई 2024 (18:43 IST)
Gauri Vrat 2024: गौरी व्रत 17 जुलाई बुधवार से प्रारंभ होकर 21 जुलाई रविवार 2024 को समाप्त होगा। यानी देवशयनी एकादशी से आषाढ़ माह समाप्ति यानी गुरु पूर्णिमा तक यह व्रत रहेगा। इस व्रत में माता पार्वती और भगवान‍ शिव की पूजा की जाती है। आओ जानते हैं इस व्रत का महत्व क्या है।
 
एकादशी तिथि प्रारम्भ- 16 जुलाई 2024 को रात्रि 08:33 से।
एकादशी तिथि समाप्त- 17 जुलाई 2024 को रात्रि 09:02 तक।
 
गौरी व्रत देवी पार्वती को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है। यह गौरी व्रत मुख्य रूप से गुजरात में मनाया जाता है। गौरी पूजा का व्रत मुख्य रूप से अविवाहित लड़कियां अच्छे पति की कामना के लिए रखती हैं। 
 
गौरी व्रत आषाढ़ महीने में 5 दिनों तक मनाया जाता है। यह शुक्ल पक्ष की एकादशी से शुरू होता है और पांच दिनों के बाद पूर्णिमा के दिन, गुरु पूर्णिमा के दिन समाप्त होता है। गौरी व्रत को मोरकट व्रत के नाम से भी जाना जाता है।
 
गौरी व्रत से जीवन की सभी बाधाओं से मुक्ति मिलती है तथा जीवन में खुशहाली आती है, अखंड सुहाग का वरदान मिलता है। तथा विवाह योग्य जातकों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।माता गौरी का यह मंगलकारी स्वरूप सिंदूरी आभा लिए हुए तथा इसका संबंध मंगल ग्रह और महिलाओं के अखंड सौभाग्य और संतान प्राप्ति तथा संतान की रक्षा से है। देवी गौरी सुहाग और गृहस्‍थ सुख की देवी मानी जाती हैं। 
 
पांच दिनों तक जो महिला इस व्रत को रख लेती हैं वो सुख, शांति, समृद्धि, आयु, संतान और अखंड सौभाग्य को प्राप्त करती हैं।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

Holi puja remedies 2026: होलिका दहन के दिन करें मात्र 5 उपाय, संपूर्ण वर्ष रहेगा शुभ

कब तक पीएम रहेंगे नरेंद्र मोदी? इस भविष्यवाणी ने उड़ाई सबकी नींद, जानें वो 3 बड़ी बातें

होली पर गुलाल गोटा की परंपरा कहां से आई? मुस्लिम कारीगरों से क्या है इसका रिश्ता

चंद्र ग्रहण के दिन भारत में कहां-कहां दिखेगा ग्रहण? जानिए पूरी लिस्ट

काशी में होली की अनोखी शुरुआत: मसान होली सहित जानिए 5 चौंकाने वाली परंपराएं

सभी देखें

धर्म संसार

03 March Birthday: आपको 3 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 3 मार्च 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

क्या भारत को भी युद्ध में धकेलेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, क्या कहते हैं ग्रह गोचर

होलिका दहन: शाप, वरदान और अनन्य भक्ति की विजय

Holi special recipes: होली के मौके पर खास पकवान: धुलेंड़ी और होली की स्वादिष्ट रेसिपी

अगला लेख