Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 (14:37 IST)
Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 (14:57 IST)
25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी का त्योहार बनाया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा होती है। अनंत चतुर्दशी के दिन पूजा के बाद दाहिने हाथ (पुरुषों के लिए) या बाएं हाथ (महिलाओं के लिए) की बाजू/कलाई पर बांधा गया 14 गांठों वाला अनंत डोरा (धागा) 14 दिनों तक बांधकर रखने का विधान है।
अनंत चतुर्दशी के शुभ चौघड़िया मुहूर्त
लाभ: सुबह 07:41 से 09:12 तक।
अमृत: सुबह 09:12 से 10:42 तक।
शुभ: सुबह 12:13 से 13:43
चर: शाम 04:44 से 6:14 तक।
ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 04:53 से 05:40 तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:06 से 12:54 तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:31 से 03:19 तक।
प्रमुख नियम:
धारण की अवधि: इसे अनंत चतुर्दशी से लेकर 14 दिनों तक बांधकर रखना सबसे शुभ माना जाता है।
विसर्जन/उतारने की विधि:14 दिन पूरे होने के बाद इसे आदरपूर्वक उतारकर किसी पवित्र नदी, सरोवर या बहते जल में प्रवाहित कर देना चाहिए। यदि बहता जल उपलब्ध न हो, तो इसे किसी पवित्र वृक्ष (जैसे पीपल या बरगद) की जड़ में मिट्टी में दबा दें।
यदि 14 दिन न बांध सकें: यदि किसी कारणवश (जैसे नौकरी, दैनिक कार्य या अशुद्धि) इसे 14 दिनों तक बांधकर रखना संभव न हो, तो आप इसे अगले दिन (पूर्णिमा तिथि) ही पूजा-अर्चना के बाद उतारकर बहते जल में प्रवाहित कर सकते हैं या घर के मंदिर में सुरक्षित रख सकते हैं।
विशेष ध्यान दें: अनंत डोरा भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे धारण करने के दौरान मांस-मदिरा का सेवन न करें और अशुद्धि से बचाकर रखें।