suvichar

माता के 51 शक्ति पीठ : ज्वालादेवी सिद्धिदा (अंबिका) शक्तिपीठ-7

अनिरुद्ध जोशी
देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में 26, शिवचरित्र में 51, दुर्गा शप्तसती और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूड़ामणि में लगभग 52 शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है। प्रस्तुत है माता सती के शक्तिपीठों में इस बार ज्वालादेवी सिद्धिदा (अंबिका) शक्तिपीठ के बारे में जानकारी।
 
 
कैसे बने ये शक्तिपीठ : जब महादेव शिवजी की पत्नी सती अपने पिता राजा दक्ष के यज्ञ में अपने पति का अपमान सहन नहीं कर पाई तो उसी यज्ञ में कूदकर भस्म हो गई। शिवजी जो जब यह पता चला तो उन्होंने अपने गण वीरभद्र को भेजकर यज्ञ स्थल को उजाड़ दिया और राजा दक्ष का सिर काट दिया। बाद में शिवजी अपनी पत्नी सती की जली हुई लाश लेकर विलाप करते हुए सभी ओर घूमते रहे। जहां-जहां माता के अंग और आभूषण गिरे वहां-वहां शक्तिपीठ निर्मित हो गए।
 
 
1.ज्वालादेवी देवी : ज्वालामुखी- सिद्धिदा (अंबिका) इसे ज्वालाजी स्थान कहते हैं। ज्वालादेवी का मंदिर हिमाचल के कांगड़ा घाटी के दक्षिण में 30 किमी की दूरी पर स्थित है। यह मां सती के 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां माता की जीभ गिरी थी। इसकी शक्ति है सिद्धिदा (अंबिका) और भैरव को उन्मत्त कहते हैं।

 
हजारों वर्षों से यहां स्थित देवी के मुख से 9 ज्वालाएं प्रज्वलित हो रही हैं जिससे बुझाने का प्रयास अकबर ने किया था लेकिन वह असफल रहा। ये ज्यावलाएं 9 देवियों महाकाली, महालक्ष्मी, सरस्वती, अन्नपूर्णा, चंडी, विन्ध्यवासिनी, हिंगलाज भवानी, अम्बिका और अंजना देवी की ही स्वरूप हैं। कहते हैं कि सतयुग में महाकाली के परम भक्त राजा भूमिचंद ने स्वप्न से प्रेरित होकर यह भव्य मंदिर बनवाया था। जो भी सच्चे मन से इस रहस्यमयी मंदिर के दर्शन के लिए आया है उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। गुरु गोरखनाथ ने यहां तपस्या की थी।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल 31 अगस्त से 6 सितंबर 2026: आपके मूलांक का सटीक राशिफल, जानें किसके खुलेंगे तरक्की के द्वार?

हारे का सहारा से कीर्तन जैम तक: खाटू श्याम और जगन्नाथ जी के प्यार में क्यों पागल है Gen Z?

Gen Z And Krishna: जेन-जी का क्या है श्रीकृष्ण से कनेक्शन?

बुध का पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में गोचर: अगले कुछ दिन बेहद भारी, इन 3 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें!

29 August Birthday: आपको 29 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख