Publish Date: Fri, 16 Aug 2019 (10:38 IST)
Updated Date: Fri, 16 Aug 2019 (10:43 IST)
देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या 245 तक पहुंच गई है, जबकि 49 अन्य लापता हैं। सेना समेत विभिन्न सुरक्षा एवं बचाव एजेंसियां राहत तथा बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। बारिश और बाढ़ की सबसे ज्यादा मार केरल झेल रहा है। भारी बारिश के कारण राज्य में मरने वालों की संख्या 108 तक पहुंच गई है। राज्य के 14 जिलों में स्थापित 1057 शिविरों में 1.75 लाख लोगों को रखा गया है। वहीं मध्यप्रदेश के 18 जिलों में शुक्रवार की सुबह तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
खबरों के मुताबिक, बाढ़ से सबसे ज्यादा बुरा हाल केरल में है। भारी बारिश के कारण राज्य में मरने वालों की संख्या 108 तक पहुंच गई है। राज्य के 14 जिलों में स्थापित 1057 शिविरों में 1.75 लाख लोगों को रखा गया है। राज्य को अभी बारिश से राहत भी नहीं मिलती दिख रही है। अगले पांच दिनों तक राज्य में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
मध्यप्रदेश के 18 जिलों में शुक्रवार की सुबह तक अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। उनमें आगर मालवा, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, देवास, उज्जैन, नीमच, राजगढ़, सीहोर, गुना, अशोक नगर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, मुरैना, धार, अलीराजपुर, झाबुआ एवं बड़वानी शामिल हैं। राज्य के अधिकांश हिस्से पिछले दिनों से पहले से ही भारी बारिश की चपेट में हैं, जिसके कारण कई निचले रहवासी इलाके पहले से ही जलमग्न हो गए हैं।
राज्य में कई बांध, तालाब एवं जलाशय लबालब हो गए हैं और इनसे गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। राज्य में पिछले 2 महीने में बाढ़ और बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के मंदसौर जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही तेज बारिश ने पूरे जिले को बाढ़ की चपेट में ले लिया है अधिकतर ग्रामीण इलाकों का शहर से सड़क संपर्क टूट गया है। पिछले लगभग 60 घंटों से उफान पर चल रही शिवना नदी का पानी रात में पशुपति नाथ मंदिर में प्रवेश कर गया और पहले 4 और फिर आठों मुख जलमग्न हो गए। राज्य के कुछ इलाकों में 19 अगस्त तक का अलर्ट जारी किया गया है।
उज्जैन जिले में ग्राम सेमदिया में 2 महिला शिक्षक और एक वाहन चालक जोरदार बारिश के कारण उफान पर आए एक नाले को पार करने के दौरान पानी में बह गए। ये लोग बरखेड़ा खुर्द स्कूल में झंडा वंदन कर लौट रहे थे तभी यह हादसा हो गया। नाले में पानी का तेज बहाव कार को बहा ले गया।
राजस्थान के पूर्वी हिस्से में कुछ स्थानों पर पिछले 24 घंटों के दौरान मूसलधार बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा राज्य के पूर्वी व पश्चिमी क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई। राज्य के अजमेर, बांसवाडा, बांरा, भरतपुर, भीलवाडा, बूंदी, चित्तौडगढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सिरोही, टोंक और उदयपुर में मूसलधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं अलवर, करौली, दौसा, धोलपुर, जयपुर, सवाई माधोपुर, सीकर और पाली में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बारिश और बाढ़ से बेहाल महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली जिलों में हालात में तो धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन पुणे में हाल बेहाल हो गए हैं। अकेले पुणे मंडल में 48 लोगों की अभी तक मौत हो चुकी है। पुणे के साथ ही सांगली, कोल्हापुर, सतारा और सोलापुर जिलों में लगभग 5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और 46 गांव पूरी तरह से कट गए हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या 245 तक पहुंच गई है, जबकि 49 अन्य लापता हैं। सेना समेत विभिन्न सुरक्षा एवं बचाव एजेंसियां राहत तथा बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
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Publish Date: Fri, 16 Aug 2019 (10:38 IST)
Updated Date: Fri, 16 Aug 2019 (10:43 IST)