Hanuman Chalisa

मौसम अपडेट : बिहार और असम में बाढ़ का तांडव, प्रधानमंत्री ने दिलाया मदद का भरोसा

Webdunia
शनिवार, 20 जुलाई 2019 (11:25 IST)
आज भी दिल्ली एनसीआर में मौसम में नमी के साथ उमस रहने के आसार हैं। वहीं दूसरी ओर बिहार और असम में बाढ़ का तांडव जारी है। पिछले 24 घंटों में बिहार में जहां बाढ़ की वजह से 12 लोगों की मौत हो गई, वहीं असम में 11 लोग काल के गाल में समा गए। बिहार और असम में बाढ़ का तांडव जारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ राहत के लिए हर मुमकिन मदद का भरोसा दिलाया है।

खबरों के मुताबिक, बिहार और असम में बाढ़ का तांडव जारी है। पिछले 24 घंटों में बिहार में जहां बाढ़ की वजह से 12 लोगों की मौत हो गई, वहीं असम में 11 लोग काल के गाल में समा गए। बिहार में बाढ़ से अब तक 92 तो असम में 47 लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के बाढ़ पीड़ित परिवारों की आर्थिक मदद के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम का ऐलान किया है। हर पीड़ित परिवार को राज्य सरकार 6-6 हजार रुपए देगी जो सीधे उनके खाते में जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के सांसदों के एक प्रतिनिधि मंडल को बाढ़ राहत के लिए केंद्र की तरफ से हर मुमकिन मदद का भरोसा दिलाया है।

असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के आंकड़ों के मुताबिक सूबे में बाढ़ से 3 हजार 705 गांवों की 48 लाख 87 हजार 443 आबादी प्रभावित है। असम में पिछले 24 घंटे में 11 लोगों की बाढ़ के कारण मौत हो चुकी है। बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 47 हो चुकी है। इंसानों के साथ-साथ जानवरों का भी बुरा हाल है। गैंडों के लिए मशहूर काजीरंगा नेशनल पार्क जलमग्न है।
शनिवार को भी दिल्ली एनसीआर में मौसम में नमी के साथ उमस रहने के आसार हैं। यहां के लोगों को आज दिन भर उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने शाम तक शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है।

मानसून की सुस्ती ने उत्तर प्रदेश की राजधानी और उसके आस-पास क्षेत्रों में गर्मी और उमस को बढ़ा दिया है। शुक्रवार को आसमान साफ है और तेज धूप निकली है। प्रदेश के कुछ इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मानसून की टर्फ लाइन हिमालय की तराई में थी, जिसके चलते प्रदेश के मध्य भाग में अच्छी बारिश रिकॉर्ड हुई। 
 
राजस्थान के एक-दो हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश और कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। दक्षिण पश्चिम मानसून के प्रभाव के चलते शुक्रवार को दूसरे दिन भी केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। सात मछुआरे लापता हैं और दो जिलों में राहत शिविर खोले गये हैं। मौसम विभाग के अनुसार इडुक्की, कोझीकोड, वायनाड, मल्लपुरम और कन्नूर जिलों में अधिक बारिश के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन स्थानों में 19-22 जुलाई को भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है।

जम्मू में मौसम ने अपना अलग ही रंग दिखाया। कहीं बारिश हुई तो कहीं धूप खिली रही। बारिश के चलते शहर के निचले क्षेत्रों में हल्का जलभराव हो गया, जिससे लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने में परेशनियों का सामना करना पड़ा। वहीं कश्मीर के अधिकांश इलाकों में तेज बारिश हुई।

मौसम विभाग ने राजधानी भोपाल में गुरुवार को गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान लगाया था और शुक्रवार को दोपहर बाद बारिश शुरू हो गई। इससे भोपाल वासियों को तेज गर्मी और उमस से राहत मिली है। हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों को अब भी बारिश का इंतजार है, बारिश न होने से किसान परेशान हैं। हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में अब भी बारिश का दौर थमा हुआ है, जिससे उमस और गर्मी दोनों का असर बढ़ गया है। राज्य में बीते एक सप्ताह से मानसूनी बारिश का दौर कमजोर पड़ा हुआ है। इसके चलते गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

हमलों को लेकर राहुल गांधी ने ममता बनर्जी को लगाया फोन, अभिषेक ने क्‍यों जताया आभार, जानिए क्‍या हुई बात?

Trump vs Iran : समझौते की उम्मीद या नए टकराव का खतरा? ट्रंप ने दिया बड़ा संकेत

Strait of Hormuz खुलने पर भी तुरंत नहीं घटेंगी तेल की कीमतें, क्या हैं चुनौतियां, दुनिया पर क्या पड़ेगा असर

अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद गरमाई राजनीति, शुभेंदु सरकार पर भड़के ममता और विपक्षी, आरोपों पर क्‍या बोली भाजपा?

इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल: फायदे ज्यादा या नुकसान? वाहन मालिकों के लिए जरूरी जानकारी

सभी देखें

नवीनतम

पृथ्वी और पर्यावरण पर कविता: काश प्रकृति भी बोल पाती

सूर्या हत्याकांड पर CM योगी की चेतावनी, दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी स्वीकार नहीं, नालायक औलादों को समझाना जरूरी, सामने खरदूषण तो शस्त्र उठाना होगा

वडोदरा की एमएस यूनिवर्सिटी कैंपस में हर सोमवार को मनाया जाएगा 'नो व्हीकल डे'

MP में जल्द लागू होगी UCC, CM मोहन यादव ने जनता से मांगे सुझाव, समिति अलग-अलग धर्मों के लोगों से ले रही है सुझाव

Kalita Majhi : कौन हैं कलिता माझी, कभी 4,000 रुपए प्रतिमाह में घरों में करती थीं काम, अब बंगाल में बनीं मंत्री, पढ़िए संघर्ष, मेहनत और राजनीतिक समर्पण की पूरी कहानी

अगला लेख