Publish Date: Fri, 27 Jul 2018 (17:29 IST)
Updated Date: Fri, 27 Jul 2018 (17:32 IST)
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) और राज्य सूचना आयोगों में रिक्त पदों को भरने के लिए किए जाने वाले उपायों के बारे में उसे 4 हफ्ते में अवगत कराने का केंद्र सरकार एवं संबंधित राज्य सरकारों को निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की खंडपीठ ने केंद्रीय सूचना आयोग एवं राज्य आयोगों के रिक्त पदों को लेकर शुक्रवार को गहरी नाराजगी जताई और केंद्र सरकार तथा प्रतिवादी 7 राज्यों को 4 हफ्ते के अंदर हलफनामा दाखिल करके यह बताने का निर्देश दिया है कि खाली पदों पर कितने समय के अंदर नियुक्तियां हो जाएंगी एवं इसके लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
खंडपीठ ने कहा कि केंद्रीय सूचना आयोग में इस समय 4 पद खाली हैं और दिसंबर तक 4 अन्य खाली हो जाएंगे। न्यायमूर्ति सिकरी ने केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) पिंकी आनंद से जानना चाहा कि 2016 में विज्ञापन देने के बावजूद केंद्रीय सूचना आयोग में पद अभी तक खाली क्यों हैं?
आनंद ने इसके जवाब में कहा कि सीआईसी में 4 पदों पर नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, क्योंकि 2016 के विज्ञापन के बाद इन पदों पर नियुक्तियां नहीं की गई थीं। खंडपीठ ने नियुक्तियां न होने के कारणों को लेकर हलफनामा दायर करने का एएसजी को निर्देश दिया।
पीठ ने महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, गुजरात, केरल और कर्नाटक को भी हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि केंद्र या राज्यों द्वारा 4 हफ्ते के अंदर हलफनामा दाखिल नहीं किए जाने को गंभीरता से लिया जाएगा।
इससे पहले याचिकाकर्ता आरटीआई कार्यकर्ता अंजली भारद्वाज की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि केंद्र ने मामले की सुनवाई के दिन सीआईसी में 4 खाली पदों पर नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किया है। इसी से इसके रवैए का पता चलता है। (वार्ता)