Publish Date: Sat, 12 Oct 2019 (14:15 IST)
Updated Date: Sat, 12 Oct 2019 (18:07 IST)
चेन्नई। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच आतंकवाद समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन कश्मीर मामले में शी चुप ही रहे। उन्होंने इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की, जबकि शी के भारत दौरे से ठीक पहले इमरान ने उनके समक्ष कश्मीर का मुद्दा उठाया था।
भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हमारा पहले से स्पष्ट तौर पर मानना है कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि मोदी और जिनपिंग के बीच आतंकवाद के मुद्दे पर लंबी बातचीत हुई।
दोनों नेताओं के बीच 6 घंटे तक अनौपचारिक बातचीत हुई। गोखले ने कहा कि भारत की यह बड़ी कूटनीतिक कामयाबी है कि जिनपिंग कश्मीर पर चुप रहे। हालांकि इस यात्रा से दोनों देशों के संबंध और मजबूत हुए हैं। इसके साथ ही जिनपिंग ने मानसरोवर यात्रियों के लिए और सुविधाएं देने का वादा किया है। विदेश सचिव ने कहा कि जिनपिंग ने अपने दौरे को यादगार बताया है।
मोदी जाएंगे चीन : गोखले ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिनपिंग का चीन यात्रा का न्योता स्वीकार कर लिया है। हालांकि तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी। मोदी ने चीन के फुजान प्रांत को तमिलनाडु से जोड़ने का भी सुझाव दिया। इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
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Updated Date: Sat, 12 Oct 2019 (18:07 IST)