Publish Date: Thu, 12 Oct 2017 (18:07 IST)
Updated Date: Thu, 12 Oct 2017 (18:07 IST)
नोएडा में जलवायु विहार के बहुचर्चित आरुषि तलवार और हेमराज हत्याकांड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजेश और नूपुर तलवार को बरी कर दिया है। हालांकि इसका बात का खुलासा आज तक नहीं हो पाया कि आरुषि का हत्यारा आखिर कौन था।
जेल में लगभग साढ़े सात साल बीत जाने के बाद जेल सुधार कार्यकर्ता और मीडियाकर्मी वर्तिका नंदा ने जब नूपुर तलवार से बात की थी तो उन्होंने कहा था कि आरुषि को खोने के बाद हमने दर्द ही देखा है। साढ़े सात जेल में हो गए कभी खुशिया नहीं आईं।
'तिनका तिनका डासना' नामक किताब का अंग्रेजी में अनुवाद जेल में रहकर नूपुर तलवार ने किया। इस किताब में राजेश और नूपुर तलवार की जीवन में पहली बार लिखी कविताएं भी शामिल हैं। यह सारी कविताएं आरुषि पर ही हैं। यह पहला मौका है जब किसी बंदी के साथ इतना अनूठा प्रयोग हुआ।
उल्लेखनीय है कि दंत चिकित्सक राजेश तलवार और नूपुर तलवार की 14 साल की बेटी आरुषि और उनके घरेलू नौकर हेमराज की हत्या नोएडा में जलवायु विहार के एल-32 फ्लैट में 15-16 मई 2008 की रात कर दी गई थी। इस मामले में नोएडा पुलिस ने जांच के बाद आरूषि के माता पिता राजेश तलवार और नूपुर तलवार को नामजद किया था। इस मामले में 23 मई 2008 को राजेश तलवार को गिरफ्तार किया गया।