Publish Date: Fri, 12 Oct 2018 (13:03 IST)
Updated Date: Fri, 12 Oct 2018 (13:07 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश के चुनावी घमासान में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच चुनावी मुकाबला होने जा रहा है। प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने और संगठन का फीडबैक लेने के लिए जहां पीएम मोदी अब सीधे बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और जिला अध्यक्षों से सीधे बात कर रहे हैं।
वहीं भाजपा को जवाब देने के लिए कांग्रेस की चुनावी कमान अब खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने हाथों में संभाल ली है। पीएम मोदी के तर्ज पर चुनाव में पहले पार्टी के संगठन को कसने और टिकट के दावेदारों का फीड बैक लेने के लिए राहुल गांधी जहां एक और दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से फीड बैक ले रहे हैं।
सूबे में पार्टी के संगठन की जमीनी हकीकत जानने के लिए राहुल अब पार्टी के जिला अध्यक्षों से सीधी बात कर रहे हैं। गुरुवार को राहुल ने जिला अध्यक्षों से टिकट के दावेदारों और जिले में संगठन के कामकाज का फीडबैक लिया। पार्टी के जिला अध्यक्षों के साथ बातचीत में साफ कर दिया कि इस बार सिर्फ जीतने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया जाएगा।
राहुल ने जिला अध्यक्षों से संगठन के कामकाज की जानकारी भी ली। उन्होंने जिला अध्यक्षों से कहा कि वो अपने जिले में पूरी ताकत से काम करें और कांग्रेस के उम्मीदवारों की जीत तय करें।
राहुल ने जिला अध्यक्षों से साफ कहा कि इस बार संगठन चुनाव लड़ेगा न कि प्रत्याशी। उन्होंने साफ कहा कि इस बार पैराशूट वालों को टिकट न देकर स्थानीय स्तर के दावेदारों को टिकट दिया जाएगा। इस बार मध्यप्रदेश में भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
पीसीसी चीफ कमलनाथ पहले ही साफ कह चुके है कि उनका मुकाबला भाजपा के संगठन से है। इसलिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जमीनी पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं में जोश फूकंने के लिए जहां एक और कार्यकर्ता सम्मेलन कर रहे हैं। वहीं अब जिला अध्यक्षों से सीधी बात कर ये संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका पूरा ध्यान जमीनी पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं और संगठन पर है।
विशेष प्रतिनिधि
Publish Date: Fri, 12 Oct 2018 (13:03 IST)
Updated Date: Fri, 12 Oct 2018 (13:07 IST)