Publish Date: Sun, 08 Apr 2018 (18:57 IST)
Updated Date: Sun, 08 Apr 2018 (19:24 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में इस साल 15 मार्च से 7 अप्रैल तक चलाए गए विशेष अभियान के तहत मतदाता सूची में 6,73,884 अपात्र मतदाता पाए गए हैं। यहां एक आधिकारिक विज्ञप्ति में मध्यप्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सलीना सिंह के हवाले से कहा गया है कि मतदाता सूची से अपात्र व्यक्तियों का नाम हटवाने के लिए विगत 15 मार्च से 7 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया गया।
अभियान में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टियों के चिन्हांकन का कार्य किया गया। प्रदेश के सभी जिलों से जो जानकारी प्राप्त हुई, उसके अनुसार अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत व्यक्तियों की संख्या 6,73,884 पाई गई है।
सलीना ने कहा कि सभी जिला कलेक्टरों को मतदाता सूची शुद्ध होने संबंधी प्रमाण-पत्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही कलेक्टरों को नियमानुसार कार्रवाई कर अपात्र नामों को हटाने के लिए कहा गया है। मृत व्यक्तियों के अलावा अन्य नामों को हटाने के पहले संबंधितों को नोटिस जारी किया जाना चाहिए।
सलीना ने बताया कि मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा एवं अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए सभी जिला कलेक्टरों को मतदाता सूची सुधारने के कार्य को विशेष ध्यान एवं सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए गत 15 दिसंबर तक चले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (समरी रिवीजन) के दौरान कुल 3,83,203 अपात्र नामों को हटाया गया था। इनमें 3,512 अनुपस्थित, 1,92,444 स्थानांतरण, 1,68,227 मृत तथा 19,020 दोहरी प्रविष्टि वाले नाम थे।
सलीना ने बताया कि जनवरी 2018 में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद मध्यप्रदेश में मतदाताओं की संख्या 5,07,71,848 थी। समरी रिवीजन के बाद भी निरंतर अद्यतन के माध्यम से मतदाता सूची को अपडेट करने का कार्य चलता रहा है तथा मध्यप्रदेश में मतदाता सूची से अपात्र नामों को हटाने का कार्य निरंतर जारी है। विधानसभा एवं लोकसभा आम चुनाव के पहले मतदाता सूची सही, शुद्ध एवं दुरुस्त हो जाएगी। (भाषा)